नागरिकता संशोधन कानून पर सुहागनगरी शांत रहे इसके लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। धर्म गुरुओं के साथ वार्ता करने के साथ-साथ जिले भर में शांति कमेटी की बैठक आयोजित की गईं, लेकिन पुलिस लोगों के अंदर धधक रहे गुस्से को भांप नहीं सकी। इसका खामियाजा शहर को चुकाना पड़ा।
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फिरोजाबाद बवाल की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता कानून संसोधन का विरोध शुक्रवार को कांचनगरी की कानून-व्यवस्था पर पत्थर बनकर बरसा तो आग बनकर धधका भी। पुलिस ने जहां सख्ती बरती रही तो वहीं बुजुर्ग भीड़ को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई। हिंसक प्रदर्शन में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में 70 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
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पथराव करती भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पिछले जुमे की नमाज पर नालबंदान क्षेत्र में देखते ही देखते जिस तरह से हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, उससे पुलिस चौकन्नी जरूर हुई लेकिन तैयारी पुख्ता नहीं की गई। जिस समय नालबंदान में हजारों की भीड़ जमा थी उस समय फोर्स काफी कम थी। देहात क्षेत्रों में पुलिस फोर्स लगा दिया था। शहर के थानों के फोर्स के साथ पीएसी तैनात की गई थी।
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प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर डेढ़ बजे के बाद हजारों लोगों की भीड़ नालबंदान चौराहे पर एकत्रित थी। भीड़ ने जैसे ही उग्र रूप लिया तो इमामबाड़ा से लेकर शिकोहाबाद अड्डे तक पत्थरों की बौछार के बीच एक ही आवाज गूंजती रही भागो...मारो...। शहर का एक ही हिस्सा बवाल की आग में धधक रहा था लेकिन दहशत का आलम पूरे शहर में था।
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आंसू गैस के गोले छोड़ती पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
लाठी और आंसू गैस छोड़ते हुए पुलिस दौड़ती जा रही थी...। भागो...भागो...के साथ मारो...मारो की आवाज गूंज रही थी। कुरैशियान, मोहम्मदगंज, पुराना रसूलपुर, हाजीपुरा, बगिया मोहल्ला, नाले वाली गली, राजपूताना जाने वाले रास्ते से भी भीड़ के जत्थे निकल पडे़ थे। दो बजे से तीन बजे तक पत्थरों की बौछार हुई। फोर्स कुछ बढ़ा तब उपद्रव करने वालों ने भागना शुरू किया। कुछ पुलिस के हत्थे भी चढ़ गए। इन्हें पुलिस के शिकंजे से छुड़ाने के लिए भी पथराव किया गया।