समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी में साइकिल की सवारी करने वाले अपनों ने ही जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में साइकिल पंचर कर दी। इसके साथ ही उन्होंने केसरिया खेमे के संग मिलकर कमल खिलाने में अहम भूमिका निभाई। परिणाम आने के बाद भाजपा जहां सपा के किले को ध्वस्त करने का जश्न मना रही है, वहीं सपा में मायूसी है। तीन दशक से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर सपा के प्रत्याशी मनोज यादव को भाजपा प्रत्याशी अर्चना भदौरिया ने हरा दिया। शनिवार शाम को अर्चना भदौरिया को विजयी घोषित किया गया तो भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए ये जीत बेहद अहम मानी जा रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष: मुलायम के गढ़ में अपनों ने ही पंचर की 'साइकिल', ये रहे सपा की हार के कारण
प्रदेश और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए भी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हार-जीत से कहीं बढ़कर था। राजनीतिक गलियारों की चर्चा के अनुसार कई कद्दावर का भविष्य इसी चुनाव के सहारे था। ऐसे में भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पूरी ताकत झोंक दी। परिणाम आया तो भाजपा की ताकत ने तीन दशकों का इतिहास बदल दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भी भाजपा की अर्चना भदौरिया काबिज हो गईं। सपा प्रत्याशी मनोज यादव को शिकस्त का सामना करना पड़ा।
भाजपा की इस जीत की इबारत साइकिल की सवारी करने वाले अपनों ने ही लिखी थी। कहने को तो निर्दलीय और कुछ सपा समर्थित सदस्यों के सहारे भाजपा अपनी जीत दिखा रही है, लेकिन हकीकत में निर्दलीय प्रत्याशी भी सपा के ही सिपहसालारों में से एक हैं। जानकारों के अनुसार सपा के सिपहसालारों ने साइकिल की सवारी यूं ही नहीं छोड़ी। कुछ ने मजबूरी में साइकिल से उतरना ही बेहतर समझा तो कुछ ने दूसरे साइकिल सवारों को गिराने के लिए अपना पैर पैडल से खींच लिया।
भाजपा के साथ नजर आए बागी सपा नेता
सपा के बागियों ने न केवल भाजपा को समर्थन दिया, बल्कि सबके सामने खुलकर भी उन्होंने भाजपा के लिए मुखालफत की। दरअसल जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मतदान के दौरान भाजपा नेता और सपा नेताओं के साथ सदस्य अलग-अलग गेटों से पहुंचे थे। इसमें कई सपा समर्थित सदस्य भाजपा नेताओं के साथ मतदान के लिए पहुंचे। इतना ही नहीं उन्होंने लौटते वक्त नेताओं को जीत के प्रति आश्वस्त भी किया।
जिला पंचायत चुनाव ने परिवार में डाली दरार
जिला पंचायत चुनाव ने सैफई परिवार में एक बार फिर दरार डाल दी। बीते जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की भतीजी सपा से संध्या यादव अध्यक्ष चुनी गई थीं। इस बार उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा से संध्या यादव ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें इस बार हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में कहीं न कहीं सैफई परिवार में दरार आई तो वहीं संध्या यादव को कुर्सी भी हासिल नहीं हो सकी।