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भाईचारे की मिसाल: यहां 'राम' की लीला में 'अली' देते हैं अहम योगदान, ऐसा है अपना हिंदुस्तान

Sun, 06 Oct 2019 11:48 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 06 Oct 2019 11:48 AM IST
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up muslim man making effigies of ravana in ramleela agra on dussehra
रावण के पुतले बनाते मुस्लिम कारीगर - फोटो : अमर उजाला
मोहब्बत की निशानी ताजमहल के शहर में एक मुस्लिम परिवार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है। यह परिवार पांच पीढ़ियों से आगरा की ऐतिहासिक रामलीला में रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण आदि के पुतले बनाता आ रहा है। परिवार के मुखिया का कहना है कि धर्म के नाम पर वही लड़ते हैं, जिनका पेट भरा है। अन्यथा गरीब का एक ही धर्म है, मेहनत से कमाई हुई रोटी।
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रावण का पुतला - फोटो : अमर उजाला
मथुरा निवासी जाफर अली और उनका परिवार आगरा की रामलीला में रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण आदि के पुतले बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका रामलीला से संबंध मात्र 40 वर्ष का नहीं है, हमारी पांचवीं पीढ़ी राम की सेवा कर रही है। यह परिवार का पुश्तैनी काम है। केवल आगरा ही नहीं मथुरा, दिल्ली, सूरत, मुंबई तक पुतले बनाने जाते हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जाफर अली कहना है कि राम मंदिर पर विवाद का कोई मतलब नहीं है। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए इसे मुद्दा बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम मु्स्लिम हैं, लेकिन रामलीला में रावण, मेघनाद आदि के पुतले बनाकर हमारे परिवार का पेट पलता है। हम समाज को भी हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश देते हैं।
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पुतले बनाते मुस्लिम कारीगर - फोटो : अमर उजाला
जाफर अली ने बताया कि इस बार रामलीला मैदान पर 110 फुट ऊंचे रावण का पुतला बनाया जा रहा है, वहीं मेघनाद के पुतले की ऊंचा 90 फुट होगी। क्रेन की मदद से इन पुतलों खड़ा किया जाएगा। अली बताते हैं कि पुतले बनाने का काम मजदूरी पर करते है। रामलीला कमेटी ही सामग्री उपलब्ध कराती है। इस काम में करीब एक महीने का समय लगता है। 
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रावण, मेघनाद के पुतले - फोटो : अमर उजाला
जफर अली के साथ काम करने वाले कारीगर आमिर ने बताया कि पुतला बनाना उनका काम है। वो हिंदु और मुसलमानों में कोई भेद नहीं करते हैं, केवल राजनीतिक लोग समाज को धर्म के नाम पर बांट रहे हैं। हमारे लिए हिंदू और मुसलमान एक ही हैं। उन्होंने कहा कि भाईचारे की इस परंपरा को वो आगे भी निभाते रहेंगे। 
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