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47 साल बाद ऐसी तस्वीरें: सड़कों पर सैलाब...100 काॅलोनियां डूबीं, 60 गांवों में बाढ़; ताजमहल तक पानी ही पानी
Tue, 09 Sep 2025 12:41 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:41 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना का राैद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 60 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। हजारों लोग घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं। ताजमहल तक पानी ही पानी नजर आ रहा है।
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flood in agra
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा में यमुना ने 47 साल बाद फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। बाढ़ के कहर से शहर की 100 से ज्यादा काॅलोनियां डूब गई हैं। सड़कों पर चार-चार फीट पानी बह रहा है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कई काॅलोनियों में 24 घंटे से बिजली नहीं है। बाढ़ से 60 से अधिक गांव भी प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में विस्थापित किया जा रहा है। शहर में एक लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में है। वहीं बाढ़ प्रभावित बराैली अहीर के बाढ़ प्रभावित गांव मेहरा नाहरगंज में यमुना में नहाते समय डूबकर रवींद्र (20) की माैत हो गई। दो युवकों को लोगों ने बचा लिया।
आगरा में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वॉटर वर्क्स पर यमुना जलस्तर सोमवार शाम सात बजे 501.1 फीट था, जो बाढ़ के निशान (499 फीट) से 2.1 फीट ऊपर था। आखिरी बार 1978 में जलस्तर 508 फीट तक पहुंचा था। सोमवार को यमुना की बाढ़ में एक तरफ आबादी व खेत-खलिहान डूब गए। दूसरी तरफ संरक्षित स्मारकों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया है।
आगरा में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ताज व्यू पाॅइंट डूब गया। महताब बाग, ग्यारह सीढ़ी पार्क, एत्माउद्दौला और ताजमहल तक पानी ही पानी है। बल्केश्वर में बाढ़ प्रभावित रजवाड़ा क्षेत्र के लोगों को आईटीआई बल्केश्वर में विस्थापित किया है। एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला ने बताया कि प्रभावितों का भोजन उपलब्ध कराया है। इसके अलावा राजस्व टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में हालात का जायजा लिया।
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आगरा में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं बरौली अहीर के गांव गढ़ी रामफल (बरौली गुर्जर) निवासी दीपक कुमार (18), रवींद्र सिंह (20) और भोपा निवासी कुंडौल सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे बाढ़ प्रभावित मेहरा नाहर गंज के पास यमुना नदी में नहाने गए थे। तीनों नहाते समय नदी में डूबने लगे। आसपास के लोगों ने दीपक व भोपा को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि रवींद्र डूब गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रवींद्र दलदल में फंसा मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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कैलाश मंदिर पर भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 752 लोग प्रभावित
एक तरफ 47 साल बाद यमुना में बाढ़ का कहर है। दूसरी तरफ सोमवार को जारी हुए प्रशासन के आंकड़ों में सिर्फ 752 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला के अनुसार कैलाश मंदिर के पास 44 परिवार प्रभावित हैं जिनमें 128 बच्चे, 38 महिलाएं और 42 पुरुषों के अलावा 12 लोग 80 वर्ष से अधिक आयु वाले हैं।
एक तरफ 47 साल बाद यमुना में बाढ़ का कहर है। दूसरी तरफ सोमवार को जारी हुए प्रशासन के आंकड़ों में सिर्फ 752 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला के अनुसार कैलाश मंदिर के पास 44 परिवार प्रभावित हैं जिनमें 128 बच्चे, 38 महिलाएं और 42 पुरुषों के अलावा 12 लोग 80 वर्ष से अधिक आयु वाले हैं।