ताजनगरी में मंदिर-मस्जिद सहित कोई धर्मस्थल नहीं खोला जाएगा। ताजमहल और किला सहित अन्य पुरातत्व स्मारक भी बंद रहेंगे। जैसे पाबंदी चली आ रही है, वैसे ही बनी रहेगी। केंद्र सरकार से धर्मस्थल और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से स्मारक खोले जाने की गाइडलाइन आने के बाद उम्मीद थी कि आगरा प्रशासन भी छूट दे देगा लेकिन डीएम प्रभु एन सिंह ने साफ किया कि रेड जोन केचलते कोई नई रियायत नहीं दी जाएगी।
2 of 15
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
17 मार्च को बंद किए गए ताजमहल सहित सभी स्मारकों को 80 दिन बाद भी खोले जाने की अनुमति नहीं मिल सकी। संक्रमण का हवाला देकर प्रशासन ने इन्हें बंद रखने का ही निर्देश जारी किया है। जिस तरह नए मरीज तेजी से मिल रहे हैं, उससे लग रहा है कि स्मारकों के दीदार का इंतजार और लंबा होगा। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कंटेनमेंट जोन के बाहर भी स्मारक नहीं खुलेंगे। मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया।
3 of 15
शाही जामा मस्जिद
- फोटो : अमर उजाला
जिला प्रशासन ने धर्मस्थलों पर पाबंदी बरकरार रखने का फैसला अवाम की हिफाजत और फला व बहबूदी के लिए किया है। अभी तक जिस अंदाज में मस्जिदों में अजान की जा रही थी और पांच नमाजी नमाज पढ़ रहे है, उसे कायम रखें, ताकि ताजनगरी को बचाया जा सके। हर किसी को भीड़ बनने से बचना होगा। -मोहम्मद उजैर आलम, नायब काजी, आगरा
4 of 15
आगरा का सेंट मैरी चर्च
- फोटो : अमर उजाला
भक्तगण सब्र से काम लें। लॉकडाउन खत्म होने का मतलब यह कतई नहीं है कि बीमारी खत्म हो गई। धर्मस्थलों में समूहों को नियंत्रित करना मुश्किल काम है। इसलिए फिलहाल इनमें प्रवेश पर पाबंदी जारी रखना ही जनहित में रहेगा। लोग घरों में रहकर ईश्वर का ध्यान करें। -फादर मून लाजरस, आध्यात्मिक निर्देशक, आगरा महाधर्मप्रांत
5 of 15
ताजमहल में पसरा सन्नाटा
- फोटो : Amar Ujala
शहर के बाहर होटल, गेस्ट हाउस और मॉल खोले जा सकेंगे। हालांकि कंटेनमेंट जोन में इसकी छूट नहीं होगी। पूरे जिले में सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स बंद ही रहेंगे।