एटा के अलीगंज तहसील क्षेत्र में नहर कटने से सोमवार रात चार गांवों के खेतों में पानी भर गया। 200 से ज्यादा किसानों की करीब दो हजार बीघा फसल डूब गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। विजयपुर, बिल्सड़ पुवायां, लालपुर और गढ़िया जगन्नाथ में नुकसान हुआ है। मंगलवार की सुबह प्रशासन और सिंचाई विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद कर्मचारियों को जेसीबी मशीन के साथ भेजकर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया, लेकिन पानी लगातार गांवों के अंदर घुसता जा रहा है, नुकसान और बढ़ने की आशंका है। फसलों की बर्बादी देख कई किसानों के आंसू छलक आए।
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दो हजार बीघा फसल तबाह: एटा में नहर कटने से चार गांवों में भरा पानी, बर्बादी देख किसानों के छलके आंसू
Tue, 04 Oct 2022 05:01 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 04 Oct 2022 05:01 PM IST
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जलमग्न हुई मूंगफली की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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नहर के पानी से खेत हुए जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम विजयपुर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। हर संभव मदद का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि सिंचाई विभाग की नहर की जिम्मेदारी होती है और इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों का काफी नुकसान हुआ है, उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।
ओवरफ्लो होने से कटी नहर
- फोटो : अमर उजाला
कुछ दिनों से नहर में पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था। जिसकी वजह से नहर ओवरफ्लो होकर रात एक बजे कट गई। जानकारी होने पर ग्रामीण एकत्रित होकर पहुंचे और कटान बंद करने का प्रयास शुरू किया। लेकिन वहां अचानक सर्प दिखाई दिया, जिसे देखकर ग्रामीण भाग गए।
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खेतों में भरा नहर का पानी
- फोटो : अमर उजाला
खेतों में इतना ज्यादा पानी भर गया है कि अब इसका आसानी से निकलना और खेत सूखना संभव नजर नहीं आ रहा। ऐसे में फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। अपनी मेहनत और लागत बचाने के लिए किसानों ने मंगलवार सुबह से ही कच्ची फसल को काटना शुरू कर दिया। जिससे कुछ तो बच सके।
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नहर कटने से भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू (स्वराज) के संगठन मंत्री सुनील पाराश ने कहा कि किसान बिल्कुल बर्बाद हो गया है, उसकी मेहनत और लागत दोनों ही समाप्त हो गई है। सरकार को किसानों को मुआवजा देना चाहिए। बिल्सड़ पुवायां के प्रधान संतोष मिश्रा ने कहा कि चार गांवों की 2000 बीघा से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। यदि समय रहते पानी बंद नहीं हुआ तो और ज्यादा किसान प्रभावित होंगे।