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कलियुग में 'कालिंदी' को जहरीला कर रहे 'कालिया नाग' रूपी गंदे नाले, घुट-घुट कर मर रहे जलचर
Tue, 03 Dec 2019 12:26 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:26 AM IST
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यमुना नदी में मृत कछुआ
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में करोड़ों लोगों की आस्था की केंद्र यमुना नदी (कालिंदी) का पानी जहरीला होता जा रहा है। अब जलीय जीवों के जीवन पर आफत मंडराने लगी है। सोमवार की सुबह यमुना के बंगाली घाट के किनारे एक कछुआ मरा मिला। कालिंदी के प्रति आस्थावान लोगों का कहना है कि गंदे नाले और फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी यमुना में गिर रहा है। स्थिति ऐसी है कि यमुना नदी में जलचर मर रहे हैं।
यमुना नदी में गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
प्रदूषण विभाग के सहायक पर्यावरण अभियंता डीके गुप्ता ने कहा कि यमुना नदी में 14 नवंबर को पांच स्थानों से पानी के नमूने लिए थे। उसकी जो रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार जलचरों की जान को खतरा नहीं है। हो सकता है कि मरा हुआ कछुआ बहकर यहां आया हो। वहीं नदी में मृत कछुआ पड़े होने सूचना पर पहुंचे नगर निगम के कर्मचारियों ने उसे पानी की बीच धारा में आगे की ओर बहा दिया।
यमुना नदी में गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
पर्यावरणविद महेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि करीब ढाई साल पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यमुना के पानी को आचमन योग्य नहीं माना। इस पानी में निरंतर स्नान से त्वचा के रोग हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट के अनुसार यमुना के जल में जहरीले रसायनों की मौजूदगी पाई थी।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दो लोगों की हो चुकी है मौत
इस वर्ष अक्तूबर के अंत में संत रमेश बाबा की ब्रज चौरासी कोस की यात्रा के दौरान यमुना का पानी पीने से दो लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए थे। यमुना के विश्राम घाट, स्वामी घाट, बंगाली घाट, ध्रुव घाट, हंसिया रानी घाट पर मछलियों के मरने के माले भी कई बार सामने आ चुके हैं।
इस वर्ष अक्तूबर के अंत में संत रमेश बाबा की ब्रज चौरासी कोस की यात्रा के दौरान यमुना का पानी पीने से दो लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए थे। यमुना के विश्राम घाट, स्वामी घाट, बंगाली घाट, ध्रुव घाट, हंसिया रानी घाट पर मछलियों के मरने के माले भी कई बार सामने आ चुके हैं।
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यमुना नदी में गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
'यमुना में प्रदूषण से लोग त्रस्त'
स्थानीय निवासी पवन यादव और दिनेश चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना में प्रदूषण से लोग त्रस्त हो चुके है। गंदे नाले और फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी यमुना में गिर रहा है। यमुना की स्थिति ऐसी है कि आज जलचर मर रहे हैं। यमुना शुद्धिकरण के लिए धरातल पर काम होता नहीं दिख रहा है।
स्थानीय निवासी पवन यादव और दिनेश चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना में प्रदूषण से लोग त्रस्त हो चुके है। गंदे नाले और फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी यमुना में गिर रहा है। यमुना की स्थिति ऐसी है कि आज जलचर मर रहे हैं। यमुना शुद्धिकरण के लिए धरातल पर काम होता नहीं दिख रहा है।