देश और दुनिया के कोने-कोने से ताजमहल के दीदार के लिए आने वाले पर्यटकों को महज 10-15 लोगों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताज पर भीड़ प्रबंधन में मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर नए टर्न स्टाइल गेट और टिकट चेकिंग सिस्टम लगाया गया, जो भीड़ नियंत्रण में कारगर साबित हो सकता है, लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। इससे हजारों पर्यटक हर दिन परेशानी झेल रहे हैं।
ताजमहल पर 10 लोगों के कारण हर दिन हजारों पर्यटक हो रहे परेशान, देखिए तस्वीरें
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मंदिर का रास्ता
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, ताजमहल पश्चिमी गेट स्थित खान-ए-आलम नर्सरी और बसई घाट के बीच मंदिर है, जहां हर दिन 10 लोग ही पहुंचते हैं। पश्चिमी गेट से इसका रास्ता है। इसी रास्ते पर टर्न स्टाइल गेट लगाकर डक्ट बनाई गई है, जिससे सड़क बंद हो जाएगी। मंदिर के लिए इस सड़क से 10 मीटर दूर वैकल्पिक रोड बनाई गई है, लेकिन बजरंग दल और विहिप को यह मंजूर नहीं। इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने 11 जून को उग्र प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद से डरे प्रशासन ने इस मसले को ठंडे बस्ते में ही डाल दिया है।
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इस रास्ते में गेट लगाने का विरोध
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पश्चिमी गेट के व्यवधान के कारण पूर्वी गेट पर भी टर्न स्टाइल गेट बनकर तैयार हैं, लेकिन शुरू नहीं हो पा रहे। नई व्यवस्था से टिकट चेकिंग और सुरक्षा जांच पश्चिमी गेट पर सहेली बुर्ज और पूर्वी गेट पर रेवती के बाड़े में हो जाएगी। इससे दोनों गेटों पर भीड़ नहीं रहेगी।
ताजमहल पर 10 लोगों के कारण हर दिन हजारों पर्यटक हो रहे परेशान, देखिए तस्वीरें
केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने अक्तूबर में आगरा आने पर सर्किट हाउस में बैठक की, जिसमें उन्होंने डीएम एनजी रवि कुमार, एसएसपी अमित पाठक और एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार को सात दिन में पश्चिमी गेट की सड़क बंद कर टर्न स्टाइल गेट शुरू कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन 15 दिन बीतने पर भी कोई फैसला नहीं हो सका। इसका खामियाजा पर्यटक उठा रहे हैं।
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ताजमहल में बिखरे पड़े शू कवर
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टूरिज्म गिल्ड आफ आगरा ने 4 अक्तूबर को कमिश्नर अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में भीड़ प्रबंधन की मांग करते हुए आशंका जताई थी कि दशहरा और दिवाली की छुट्टियों में पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल पाएगा। आगरा फोर्ट पर एक और टिकट खिड़की शुरू कराने, ताजमहल में शू कवर की गंदगी दूर कराने की मांग की थी, लेकिन एक महीने में कागज पर केवल मिनट्स तैयार किए गए, भीड़ प्रबंधन पर न कोई बैठक हुई और न ही कोई तैयारी की गई।