दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल के दीदार के लिए आगरा आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति को ताजमहल में एक भी दाग नजर नहीं आएगा। संगमरमरी अजूबे में मुगल शहंशाह शाहजहां और मुमताज महल की कब्रों की पहली बार मडपैक ट्रीटमेंट के जरिए सफाई की जा रही है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने दोनों कब्रों पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर गंदगी और दाग मिटाने का काम शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे से पहले 22 फरवरी तक ताज में मडपैक और केमिकल ट्रीटमेंट के सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।
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ताजमहल पर पहुंचे अधिकारी
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ताजमहल के तामीर होने के 368 साल बाद यह पहला मौका है जब एएसआई ने कब्रों पर मुल्तानी मिट्टी लगाकर मडपैक ट्रीटमेंट से सफाई कार्य शुरू किया है। एएसआई अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद डा. एमके भटनागर ने सोमवार को दोनों कब्रों पर मडपैक के काम की शुरूआत कराई। इन कब्रों के ऊपर लगे फानूस को भी उतारकर मंगलवार से केमिकल ट्रीटमेंट कर चमकाया जाएगा। यह फानूस लार्ड कर्जन ने 1908 में भेंट किया था। मिस्र के काइरो में बनी मस्जिद में देखकर लैंप डिजाइन कराकर भेंट किया गया था।
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tajmahal
- फोटो : social media
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के लिए रॉयल गेट के रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म और रॉयल गेट के अंदर के पत्थरों की सफाई भी की जा रही है। रॉयल गेट से लेकर संगमरमरी गुंबद तक फुब्बारों के दोनों ओर लगे पाथवे के पत्थरों का केमिकल ट्रीटमेंट शुरू किया गया है।
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संगमरमरी जाली से अंदर की कब्रों को देखते सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
गुंबद के अंदर कब्रों के बाहर लगी संगमरमरी जाली और उत्तर दिशा में यमुना किनारे की संगमरमरी दीवार को भी साफ किया जा रहा है। इसी दीवार पर कीड़ों के हरे दाग लगते रहे हैं।