'संस्कृति के रंग ताज के संग' थीम भले ही ताज महोत्सव की रखी हो, लेकिन इसकी शुरूआत फीकी रही। पहले दिन मुक्ता काशी मंच पर हुए कार्यक्रम में बेहद कम दर्शक पहुंचे। आधी से ज्यादा सीटें खाली रह गईं। कार्यक्रम भी कम कर दिए गए।
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मुख्य अतिथि पद्मश्री योगेंद्र दा को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि पद्मश्री योगेंद्र दा को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कमिश्नर अनिल कुमार ने महोत्सव में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
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ताजमहोत्सव में कार्यक्रम
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विशिष्ट अतिथि सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने भारतीय संस्कृति को श्रेष्ठतम बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति श्रद्धा और विज्ञान का समावेश है। वर्तमान में इंटरनेट, हवाई जहाज, बुलेटप्रूफ समेत मारक युद्धक विमान जैसे तमाम आविष्कार सदियों पहले ही हमारे यहां हो चुके हैं। मौके पर डीएम प्रभुनारायण सिंह, एसएसपी बबलू कुमार भी रहे।
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ताज महोत्सव में कार्यक्रम
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मुक्ताकाशी मंच पर वाराणसी से आई डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य के शास्त्रीय गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपनी सुरीली आवाज से गायन कर समा बांध दिया। उनका गायन सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
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ताज महोत्सव में कार्यक्रम
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यह पहला मौका है जब ताज महोत्सव में भगवान शिव पर आधार गंगा अवतरण नृत्य नाटिका होगी। इसका आयोजन शिव रात्रि पर 21 फरवरी को होगा। भगवान राम पर आधारित नृत्य नाटिका भी रखी गई है। इस बार केंद्र सरकार की ओर से एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश के लोक संस्कृति एवं व्यंजन के प्रदर्शन के लिए विशेष दल भेजा गया है।