ताजमहल में मुगल शहंशाह शाहजहां का तीन दिवसीय उर्स 10 मार्च से शुरू हो रहा है। बुधवार को दोपहर दो बजे से ताजमहल में शाहजहां और मुमताज की भूमिगत असली कब्रें पर्यटक देख सकेंगे। 12 मार्च तक उर्स के दौरान बुधवार और गुरुवार को दोपहर दो बजे से और शुक्रवार को पूरे दिन ताज में नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकेगा।
2 of 5
धूप में दमकता ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
मुगल शहंशाह शाहजहां के 366वें उर्स को लेकर संशय की स्थिति थी। मंगलवार दोपहर तक जिला प्रशासन ने उर्स को अनुमति नहीं दी थी, लेकिन बाद में एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स को अनुमति दे दी गई है। पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। एएसआई को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। उर्स के दौरान शुक्रवार को भी ताज पर्यटकों के लिए खुला रहेगा।
3 of 5
ताजमहल में शाहजहां-मुमताज के कब्रों की प्रतिकृति
- फोटो : Amar Ujala
शहंशाह शाहजहां का उर्स इस्लामिक कैलेंडर के रजब माह की 25, 26 व 27 तारीख को मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर की यह तारीख 10 से 12 मार्च तक हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने उर्स के दिनों में ताजमहल को पर्यटकों के लिए निशुल्क करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया था। बुधवार दोपहर दो बजे से ताजमहल में भूमिगत कब्रों को उर्स की रस्मों के लिए खोला जाएगा। तभी से पर्यटकों और अकीदतमंद ताज में नि:शुल्क प्रवेश कर पाएंगे। गुरुवार दोपहर दो बजे से शाम तक ताज में नि:शुल्क प्रवेश रहेगा। शुक्रवार को पूरे दिन चादरपोशी के लिए नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकता है।
4 of 5
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
1400 मीटर सतरंगी चादर तैयार
खुद्दाम ए रोजा कमेटी ने ताजमहल में शाहजहां के उर्स के लिए 1400 मीटर की सतरंगी चादर तैयार कराई है। बीते साल कोरोना के कारण शाहजहां का उर्स नहीं मनाया गया था। कमेटी के अध्यक्ष ताहिरुद्दीन ताहिर ने बताया कि अगर एएसआई और प्रशासन सतरंगी चादर को उर्स में चढ़ाने की अनुमति दे देते हैं, तभी चादरपोशी की जाएगी।
5 of 5
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
उर्स में कोई झंडा, बैनर, पोस्टर, किताब, 36 इंच से बड़ा ढोल, बैंड बाजा, लाइटर, चाकू आदि चीजें नहीं जाएंगी। उर्स के दौरान आने वाले जायरीनों की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे।