ताजमहल के ऑनलाइन टिकटों की व्यवस्था पर लपकों ने कब्जा कर लिया है। शायद यही वजह है कि हर रोज समय से पहले ही सभी टिकट बुक हो जाते हैं। इसके बाद लपके टिकटों की कालाबाजारी करते हैं। एक-एक टिकट पर 100 से 300 रुपये ज्यादा वसूलते हैं। इसकी वजह से हर रोज सैकड़ों पर्यटक ताजमहल को बिना देखे ही मायूस लौट रहे हैं। शनिवार की सुबह नौ बजे ही सुबह के स्लॉट के सभी 2500 और दोपहर के स्लॉट के 2500 टिकट बुक हो चुके थे। सुबह नौ बजे के बाद ताजमहल पर जो सैलानी एडवांस टिकट लिए बिना पहुंचे, उन्हें टिकट नहीं मिल पाया। ऐसे 1117 सैलानियों को मायूस लौटना पड़ा।
ताजमहल के ऑनलाइन टिकटों की नहीं थम रही कालाबाजारी, मायूस लौट रहे कई पर्यटक
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ताजमहल पर शनिवार को पूरे पांच हजार टिकट बुक हुए थे, लेकिन शाम तक केवल 3983 पर्यटक ही प्रवेश कर पाए। निशुल्क प्रवेश वाले बच्चों की संख्या मिला लें तो 4448 सैलानियों ने ताजमहल का दीदार किया। लपकों द्वारा पहले ही टिकट बुक कर लिए जाने के कारण 1117 सैलानी ऐसे रहे जो टिकट न मिलने के कारण भटकते रहे और बिना ताज देखे मायूस लौटे।
चंडीगढ़ से आईं सपना सिंह ने कहा कि मेरे साथ पांच लोग हैं। सुबह नौ बजे ताजमहल आ गए थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। स्कैन करने पर बताया कि टिकट बुक हो गए। पार्किंग पर पहुंचे तो कुछ लड़के 300 रुपये में टिकट बेच रहे थे। हमने वही खरीदे, तब ताज देखा।
गाजियाबाद के निरंजन सिंह तोमर ने बताया कि वह पूरे परिवार के साथ ताजमहल देखने आए थे। ऑनलाइन टिकट बुक ही नहीं हुआ। ये कैसी व्यवस्था है। हमारे सामने फिल्मों की तरह ताजमहल के टिकट ब्लैक हो रहे हैं, पर हमें नहीं मिल रहे। पुलिस भी उन्हें टिकट बेचते हुए देखती रही, कार्रवाई नहीं की।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने कहा कि हमने पर्यटकों के सामने आ रही मुश्किलों के बारे में मुख्यालय को बता दिया है। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए हमने पुलिस से कहा है। लपकों पर अंकुश पुलिस ही लगा पाएगी।