ताजमहल पहली बार सुरक्षा कारणों से दो घंटे के लिए बंद किया गया। गुरुवार को एक सिरफिरे युवक ने स्मारक में बम की सूचना दी थी। इसके बाद सुबह 9:30 बजे से 11:23 बजे तक ताजमहल सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया। यह पहला मौका था जब ताजमहल में बम की सूचना पर चेकिंग की गई। सघन चेकिंग में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ताजमहल को पर्यटकों के लिए खोला गया।
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ताजमहल में चेकिंग करते जवान
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ताजमहल पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) के तहत हर सुबह गेट खुलते समय और शाम को बंद होते समय चप्पे चप्पे की तलाशी होती है। सभी पर्यटकों के बाहर निकल जाने के बाद सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवान हर पेड़, ओट और झुरमुट की चेकिंग कर गेट सील करते हैं। इससे पहले ताज कोरोना के कारण 188 दिन बंद रहा। 15 दिन भारत पाकिस्तान युद्व के दौरान और सात दिन तक 1978 में आई बाढ़ के दौरान बंद किया गया था।
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ताजमहल में जांच करते बीडीएस के सदस्य
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1984 में मिली ताज पर सबसे पहली धमकी
ताजमहल को लेकर सबसे पहले 1984 में धमकी मिली थी। खालिस्तान आंदोलन के दौर में ताजमहल को बम से उड़ाने की धमकी के बाद ही ताज को रात में पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। शरद पूर्णिमा का मेला उसी धमकी के कारण बंद हुआ। उससे पहले ताज रात 11 बजे तक सैलानियों के लिए खुलता था।
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ताजमहल को पर्यटकों के लिए किया बंद
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साल 2001 में आतंकी घटनाओं के बाद से लेकर 9-11 की घटना पर ताज को उड़ाने की धमकियां दी गईं, लेकिन तब भी ताज के अंदर बम रखने की कोई सूचना नहीं दी गई। यह पहला मौका है जब फोन के जरिए बम की फर्जी सूचना पर ताजमहल दो घंटे तक बंद कर दिया गया।
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ताजमहल में प्रवेश करते सैलानी
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अंदर 600 सैलानी थे, बाहर हजारों
जिस समय ताज को खाली कराया, अंदर 600 सैलानी थे। बाहर हजारों की संख्या में थे। कोई गाड़ी पार्क कर रहा था तो कोई टिकट ले रहा था। इन्हें जैसे ही ताज खाली कराए जाने की सूचना मिली, ये दूर चले गए। दो घंटे की सघन चेकिंग के बाद ताजमहल को पर्यटकों के लिए खोला गया।