कासगंज जिले में सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए घाटों पर आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है। सोमवार तड़के ही गंगा स्नान शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद मंदिरों में विधि विधान से पूजा-अर्चना की। जिले में आने श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया, लेकिन भीड़ के आगे व्यवस्थाएं धराशायी हो गईं। कई मार्गों पर जाम लग गया। इससे भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
2 of 5
बरेली कासगंज मार्ग पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
सोमवती अमावस्या की पूर्व संध्या से ही राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात आदि राज्यों के श्रद्धालु निजी वाहनों, बसों व ट्रेनों आदि के माध्यम से गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए। यहां की धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस देर रात तक फुल हो गए। गंगा स्थान को श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है।
3 of 5
गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त से गंगा स्नान शुरू हुआ। सोरों के समीप कछला गंगा घाट पर सबसे अधिक श्रद्धालु उमड़े रहे हैं। इसके अलावा लहरा गंगा घाट, सोरों में हरि पदी गंगा, इस्मालपुर गंगा घाट, कादरगंज गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। गंगा की जय-जयकार से सभी गूंज रहे हैं।
4 of 5
हरी पदी गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 11 बजे तक सभी घाटों पर भारी भीड़ रही। दोपहर से गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में कमी आने लगी। गंगा किनारे श्रद्धालु गंगा को भोग अर्पित और आरती कर विधि विधान से पूजा कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने दुग्ध से गंगा का अभिषेक किया। गंगा घाट पर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा यज्ञ व देवताओं की पूजा की जा रही थी।
5 of 5
कासगंज-बरेली मार्ग पर लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
सोमवती अमावस्या पर गंगा के कछला, लहरा, सोरों, कादरगंज घाटों पर प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए गए। श्रद्धालुओं को जाम से न जूझना पड़े इसके लिए प्रमुख मार्गों पर यातायात परिवर्तित किया, लेकिन भीड़ के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए। सुरक्षा के लिहाज से लहरा व हरि पदी के घाटों पर गोताखोरों की तैनाती की गई है।