26 दिसंबर को 6 ग्रहों की युति में कंकण सूर्यग्रहण पड़ेगा। दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि सूर्य, चंद्रमा, बुध, गुरु, शनि और केतु 6 ग्रह ग्रहण के समय एक साथ धनु राशि में रहेंगे। जो भारी अशुभ है। आगे जानिए समाज के किन वर्गों पर इसका कैसा असर होगा और किन राशियों के लिए ये शुभ है...
मूल नक्षत्र धनराशि पर कंकण सूर्यग्रहण पड़ेगा। मथुरा में प्रात: 8:17 से 10:57 तक यह ग्रहण दृश्य रहेगा। 2 घंटा 40 मिनट तक ब्रजभूमि में यह ग्रहण दृश्य होगा, जबकि विदेशों में इस ग्रहण के समय में अंतर रहेगा। 25 दिसंबर को रात्रि 8 बजे से इस ग्रहण का सूतक लग जाएगा।
साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी ने बताया कि यह ग्रहण मेष, मिथुन, कर्क, तुला, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए शुभ रहेगा तथा अन्य राशियों को अशुभ रहेगा। धनु राशि वाले व्यक्ति इस ग्रहण को नहीं देखें। ग्रहण महंगाई कारक और राजनीति के क्षेत्र में अशांति कारक रहेगा।
बताया कि 4 फरवरी 1962 को आठ ग्रह एक साथ एकत्रित हुए थे, अष्ट ग्रही योग पड़ा था। जिसके फलस्वरूप अष्टग्रही योग के बाद चीन भारत का युद्ध हुआ था वर्तमान में 6 ग्रह एकत्रित हो रहे है। दैवज्ञ आचार्य डॉ. माखनलाल चतुर्वेदी के अनुसार कंकणाकृत्य सूर्य ग्रहण मूल नक्षत्र धनुराशि पर दृष्टव्य होगा। यह ग्रहण पूरे देश में दिखेगा। बताया कि ग्रहण के समय मंत्रजाप, पाठ, परिक्रमा, भजन, कीर्तन, स्मरण आदि में व्यतीत करना चाहिए। ग्रहण के बाद दान करना बहुत अच्छा होता है।
सूर्यग्रहण का असर मथुरा के मंदिरों पर भी
26 दिसंबर को पड़ रहे सूर्यग्रहण का असर मंदिरों के दर्शन काल पर भी पड़ेगा। मथुरा के श्रीकृष्ण जन्म स्थान के दर्शन 25 दिसंबर की शाम 7 बजे बंद हो जाएंगे। 26 दिसंबर को ग्रहण के कारण मंदिर के सभी मंदिरों में पट बंद रहेंगे। दर्शन दोपहर 3 बजे खुलेंगे।