आगरा में जनकपुरी में पिछले तीन दिन से उल्लास, उमंग का माहौल था। रविवार रात को वह वक्त भी गया, जब वातावरण विरह की वेदना से भर गया। राजा जनक के महलों को छोड़कर उनकी लाडली अयोध्या की राजरानी बनने की राह पर निकल पड़ी।
जनक दुलारी ने उस आंगन, उपवन को जी भरकर निहारा, जहां वे सखियों के साथ खेलती थीं। सखियों का रो-रोकर बुरा हाल था। जनकपुरी वासियों ने लाडली को नम आंखों से विदाई दी।
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जनकपुरी से सीता जी की विदाई।
- फोटो : अमर उजाला
जनक महल पर कार्यक्रमों की शुरूआत भजन संध्या से हुई। चंचल उपाध्याय ने अपने भजनों से माहौल को भक्तिमय कर दिया। इसी बीच भगवान श्रीराम के स्वरूप और उनके तीनों लघु भ्राता, माता जानकी, राजा जनक (दीपक गोयल) रानी सुनयना (ममता गोयल) मंच पर पहुंचे।
भगवान राम की आरती कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल, राजा जनक, रानी सुनयना भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, विधायक जगन प्रसाद गर्ग, डॉ. डीसी गोयल, महेश चंद शर्मा, समीर चतुर्वेदी, छोटे लाल बंसल आदि ने की।
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जनकपुरी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
हे राजा राम तेरी आरती गाऊं... के स्वर जैसे ही गूंजे। पूरे परिसर में लोगों ने खड़े होकर प्रभु राम का अभिवादन किया।
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जनकपुरी से सीता जी की विदाई।
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इसके बाद रामलीला कमेटी का स्वागत किया गया। भगवान राम ने भक्तों को आशीर्वाद दिया इसके बाद विदाई की आरती हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल, श्याम भदौरिया के साथ रामलीला कमेटी के समस्त पदाधिकारियों ने भगवान की आरती की।
इसके बाद प्रभु राम और माता जानकी की आरती के बाद वह विदाई आ गई, जब जनक दुलारी अपनी सखी, सहेलियों को छोड़कर अयोध्या के प्रस्थान कर गईं।
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जनकपुरी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
चारों राजकुमार घोड़ों पर सवार थे। पीछे माता जानकी का रथ चल रहा था। मुख्य मंच से शोभायात्रा राजा जनक के निवास पर पहुंची और वहां सभी रीति रिवाजों को पूरा कर जानकी अयोध्या को लिए विदा हो गई।