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भावुक कर देगी 'नीना' की कहानी: बॉलीवुड के सहयोग से नेत्रहीन हथिनी को मिली 'नई जिंदगी'

Tue, 13 Jul 2021 12:20 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 13 Jul 2021 12:20 AM IST
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नेत्रहीन हथिनी नीना - फोटो : Wildlife SOS

कई बॉलीवुड हस्तियों ने नेत्रहीन हथिनी नीना को आवाज और अपना समर्थन देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। इस सहयोग से नीना को नई जिंदगी मिली है। 'नीना' हथिनी दोनों आंखों से नेत्रहीन है और गंभीर गठिया, लंगड़ापन एवं अपक्षयी जोड़ों के रोग से पीड़ित है। उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और गंभीर स्थिति में उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग की टीम नीना को तत्काल उपचार और देखभाल के लिए मथुरा के फरह स्थित हाथी अस्पताल लेकर आई। वह यहां तीन सप्ताह पहले लाई गई थी। उसका उपचार चल रहा है। नेत्रहीन हाथियों को दुर्व्यवहार से बचाने के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा बनाई गई याचिका पर 60,000 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए। इसमें बॉलीवुड की कई हस्तियों से सहयोग मिला। अथिया शेट्टी, श्रुति हासन, रणदीप हुड्डा, विवेक ओबरॉय, आदिल हुसैन, रमोना एरिना, पिया त्रिवेदी, बानी जे, पूजा बत्रा, सुचित्रा पिल्लई, जिम सर्भ जैसी कई बॉलीवुड हस्तियां 'नीना' की मदद के लिए आगे आईं और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसे साझा करके अपना समर्थन दिया।

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जंजीरों में जकड़ी हथिनी नीना - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 60 वर्षीय हथिनी 'नीना' का इस्तेमाल जीवन भर सड़कों पर भीख मांगने के साथ-साथ शादियों और जुलूस के लिए भी किया जाता रहा। अंधी, कमजोर, बुजुर्ग, गंभीर रूप से कुपोषित और गठिया रोग से पीड़ित होने के बावजूद, व्यावसायिक उपयोग के लिए उसका शोषण जारी रहा।
 
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नेत्रहीन हथिनी नीना - फोटो : Wildlife SOS
उसके मालिक या महावत द्वारा अंकुश से अंधी हथिनी को व्यस्त यातायात, शादी समारोह में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता रहा। जहां डरावनी तेज आवाज और लोगों की भीड़ से वह हमेशा भयभीत रही। जब 'नीना' काम पर नहीं जाती थी, तो उसे नुकीली जंजीर से कसकर बांध दिया जाता था, जिससे वह लेटने और आराम करने में असमर्थ होती थी। महामारी के दौरान भी, जब शादियों में भीड़ पर प्रतिबंध था, इस अंधी हथिनी को बरात में इस्तेमाल किया जाता रहा और सड़कों पर भी भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता रहा। 'नीना' को कभी भी उचित चिकित्सा उपचार नहीं मिला।
 
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नेत्रहीन हथिनी नीना का इलाज करते चिकित्सक - फोटो : Wildlife SOS

मथुरा स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस के हाथी अस्पताल में, नेत्रहीन हथिनी 'नीना' को अनुभवी पशु चिकित्सकों और देखभाल कर्मचारियों की टीम मिली। जिन्होंने उसकी परेशानीयों को कम करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए उसकी आंखों का अल्ट्रासाउंड किया, उसकी स्वास्थ स्थिति और नाजुक हड्डियों का आंकलन करने के लिए एक्स-रे कराया। उसके दर्द और पीड़ा को कम करने के लिए हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी और पोषित आहार भी शामिल हैं।

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नेत्रहीन हथिनी नीना - फोटो : अमर उजाला

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि वाइल्डलाइफ एसओएस उन सभी मशहूर हस्तियों का आभारी है, जिन्होंने 'नीना' हथिनी की दुर्दशा के लिए बनाई गई याचिका पर अपना समर्थन व्यक्त किया। संकटग्रस्त हाथियों की मदद के लिए वन विभाग के सहयोग से हाथी अस्पताल की स्थापना की गई थी। 

वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु-चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक, डॉ. इलियाराजा ने कहा, कि 'नीना' हथिनी अपक्षयी जोड़ों के रोग से पीड़ित है, जिसके कारण उसके पीछे के पैरों में तकलीफ है। अधिक भार उठाने के कारण उसके आगे के पैर भी प्रभावित हुए हैं। दोनों आंखें भी पूरी तरह से खराब हो गई हैं। उसे ताकत देने के लिए पोषित आहार दिया जा रहा है।

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