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राजा मानसिंह हत्याकांडः दोषियों की बीमारी का बनाया बहाना, कोर्ट ने कहा जेल में होगा इलाज

Thu, 23 Jul 2020 10:19 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 23 Jul 2020 10:19 AM IST
सार

  • किसी को शुगर तो किसी को ब्लड प्रेशर की बीमारी
  • किस केस में किसको कितनी मिली सजा

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Raja Mansingh Murder Case Defense Said All Accused Ill Court Said will   Treated In Jail
राजा मान सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सजा कम कराने के लिए बचाव पक्ष ने दोषियों की उम्र और बीमारियों को कोर्ट के सामने रखा। मगर सत्र न्यायाधीश ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा कि बीमार हैं तो जिला कारागार में उचित उपचार दिया जाएगा। बचाव पक्ष ने कोर्ट से दोषियों को राजस्थान जेल में भेजने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसके लिए मना कर दिया।
Raja Mansingh Murder Case Defense Said All Accused Ill Court Said will   Treated In Jail
बचाव पक्ष के वकील नंदकिशोर उपमन्यु - फोटो : अमर उजाला
न्यायालय ने सभी को मथुरा जेल भेज दिया। इससे पहले वादी के अधिवक्ता नारायन सिंह विप्लवी ने न्यायालय में दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की। उनकी दलील थी कि सभी दोषी सशस्त्र पुलिस के जवान हैं तथा उनका दायित्व कानून की रक्षा करना होता है इसके बाद भी उनके द्वारा हत्या
की गई। इसलिए इन्हें फांसी की सजा दी जाए।

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Raja Mansingh Murder Case Defense Said All Accused Ill Court Said will   Treated In Jail
दोषियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
जेल भेजे गए 11 दोषियों के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि जेल भेजे गए सभी दोषी आरएसी एवं पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। सभी की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। मुख्य दोषी कान सिंह भाटी की उम्र 80 वर्ष से भी अधिक है तथा सभी दोषी वृद्ध अशक्त तथा दिल, शुगर और उच्च रक्तचाप की बीमारियों से ग्रस्त हैं। कुछ तो वृद्धावस्था के  कारण चलने में भी असमर्थ हैं। जेल भेजे गए छतर सिंह की आंखों की रोशनी बहुत कम है। जिसके चलते उन्हें आगे बढ़ने के लिए सहारे की आवश्यकता होती है। बचाव पक्ष की दलील के आधार पर न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी कहा है कि सभी दोषी 60 वर्ष से ऊपर के बताए जाते हैं इसलिए उनकी बीमारियों के संबंध में जिला कारागार में उचित उपचार किया जाएगा।
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Raja Mansingh Murder Case Defense Said All Accused Ill Court Said will   Treated In Jail
न्यायालय ले जाने से पहले दोषियों के हाथ सैनिटाइज कराती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
धारा 148 (खतरनाक शस्त्र रखना) में वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, जगमोहन, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेर सिंह, छतर सिंह, पदमा राम और रविशेखर को दो-दो वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड-अर्थदंड न देने पर 7-7 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा। मुख्य दोषी कान सिंह भाटी को दो वर्ष का कारावास तथा एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास।


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Raja Mansingh Murder Case Defense Said All Accused Ill Court Said will   Treated In Jail
तत्कालीन डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी कोर्ट ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
323 (मारपीट)/ 149 (शस्त्र का प्रयोग) में दोषी वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, जगमोहन, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेर सिंह, छतर सिंह, पदमा राम और रविशेखर को छह-छह माह के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा, अर्थदंड न देने पर 7-7 दिन का अतिरिक्त कारावास।  302 (हत्या)/149 (शस्त्र का प्रयोग) दोषी वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, जगमोहन, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेर सिंह, छतर सिंह, पदमा राम और रविशेखर को आजीवन कारावास तथा दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 30-30 दिन का अतिरिक्त कारावास। जबकि मुख्य दोषी कान सिंह भाटी को आजीवन कारावास, दस हजार रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 30 दिन का अतिरिक्त कारावास।
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