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राजा मानसिंह हत्याकांडः चश्मदीद ने बताई वारदात, एक गोली ने सीना छुआ तो एक ने कान...

Thu, 23 Jul 2020 09:36 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 23 Jul 2020 09:36 AM IST
सार

वादी और चश्मदीद विजय सिंह बोले- 21 फरवरी 1985 की वारदात को याद कर रोंगटे हो जाते हैं खड़े
 

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Raja Mansingh Murder Case Eyewitness told Incident
राजा मानसिंह का फाइल फोटो और दूसरे चित्र में विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
एक गोली ने सीना छुआ था, एक गोली मेरे कान के पास से गुजरी और मेरे कान ने सुनना बंद कर दिया। सामने राजस्थान पुलिस की बंदूकें तनी थीं तो मेरी बगल में राजा मानसिंह का रक्त रंजित शव पड़ा हुआ था। उस पल को याद करता हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सात दिन तक मुझे कान से कुछ भी सुनाई नहीं दिया था। यह कहना है राजा मानसिंह के दामाद विजय सिंह सिरोही का। अगली स्लाइड में पढिये आंखोंदेखी...
Raja Mansingh Murder Case Eyewitness told Incident
राजा मान सिंह की शाही जीप - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि वह उस समय राजा मानसिंह के साथ जोंगा (वाहन) में आगे ही बैठे थे। जोंगा में आगे सिर्फ चार ही लोग थे, जिनमें से एक राजा मानसिंह, दो उनके साथी हरी सिंह और सुम्मेर सिंह और एक मैं था। हम लोग गिरफ्तारी के लिए डीग थाने जा ही रहे थे कि थाने से कुछ पहले ही पुलिस ने जोंगा के सामने अपनी जीप लगा दी और हमें रोक दिया। हम सोच रहे थे कि पुलिस राजा मान सिंह को गिरफ्तार करेगी परंतु ऐसा नहीं हुआ।

ये भी पढ़ें- राजा मानसिंह हत्याकांडः सभी दोषियों को आजीवन कारावास, 35 साल बाद मिला इंसाफ
Raja Mansingh Murder Case Eyewitness told Incident
राजा मान सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने राजा मानसिंह पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। केवल उनको ही नहीं बल्कि पुलिस ने आगे बैठे और दो लोगों को भी निशाना बनाया। पता नहीं कैसे एक गोली मेरे सीने को तथा एक गोली कान को छूती हुई निकल गई और मैं बच गया परंतु राजा मान सिंह हरी सिंह और सुम्मेर सिंह की वहीं मौत हो गई थी। उस दिन को याद करके मैं सिहर जाता हूं। मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस दिन मुझे नया जीवन मिला था। राजा मान सिंह के दामाद आगे बताते हैं कि राजस्थान पुलिस ने उन्हें तथा जोंगा में मौजूद अन्य तीन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया था । हमें बाद में अगले दिन छोड़ा गया।
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Raja Mansingh Murder Case Eyewitness told Incident
कोर्ट से बाहर आतीं राजा की पुत्री कृष्णेंद्र कौर उर्फ दीपा सिंह (लाल साड़ी में), साथ में परिवार के अन्य सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
राजा मानसिंह हत्याकांड के चश्मदीद गवाह व केस के वादी विजय सिंह सिरोही और पूर्व मंत्री व उनकी पुत्री कृष्णेंद्र कौर उर्फ दीपा सिंह ने कहा कि तत्कालीन सीओ कानसिंह भाटी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। इसकी उन्हें पूरी उम्मीद थी। इस केस के दोषियों पर आजीवन कारावास का निर्णय आने के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वह निर्णय से संतुष्ट हैं लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि हत्याकांड के मुख्य दोषी सीओ कान सिंह भाटी को फांसी की सजा मिलेगी। उन्होंने बताया कि सीओ द्वारा दिनदहाड़े सरेबाजार राजा मान सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी।
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Raja Mansingh Murder Case Eyewitness told Incident
राजा मानसिंह हत्याकांड के दोषी कान सिंह भाटी डिप्टी एसपी को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
केस के वादी ने बताया कि वह विगत 35 वर्ष से केस की पैरवी कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें बहुत मुश्किलों को सामना करना पड़ा है तब जाकर न्याय मिल सका है। अब जब दोषियों को सजा हो गई है तो उन्हें लगता है कि राजा मान सिंह को भी न्याय मिल गया है। सुनवाई के दौरान कई जज बदल गए तो कई अधिवक्ताओं में भी बदलाव किया गया।
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