फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

श्रीराधारानी का जन्मोत्सव, सादगी से मनाया श्रीजी का जन्मोत्सव, ब्रह्म मुहूर्त में हुआ अभिषेक

Wed, 26 Aug 2020 04:12 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 26 Aug 2020 04:12 AM IST
विज्ञापन
Radhashtami 2020: Radharani Birth Celebration In Temple
बरसाना में भक्तों से सूना राधारानी का मंदिर - फोटो : अमर उजाला
श्रीराधारानी का जन्मोत्सव श्रद्धाभक्ति एवं सादगीपूर्वक मनाया गया। बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में श्रीराधा रानी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार जन्मोत्सव में श्रद्धालुओं की संख्या नगण्य रही। पूर्व में देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु श्रीराधा जी के अभिषेक के साक्षी होते थे लेकिन इस बार मंदिर के सेवायत और सुरक्षाकर्मी ही जन्मोत्सव में शामिल हुए। 
Radhashtami 2020: Radharani Birth Celebration In Temple
मंदिर बरसाना राधारानी - फोटो : अमर उजाला
राधाष्टमी पर बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे श्रीराधा रानी के विग्रह का अभिषेक किया गया। हालांकि कोरोना के कारण इस पल का साक्षी बनने के लिए इस बार देश-दुनिया के भक्त नहीं पहुंचे। चंद सेवायतों एवं ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में राधारानी का अभिषेक किया गया। ब्रजाचार्य पीठाधीश्वर कृष्णाचार्य भट्ट ने बताया कि इस बार राधारानी का 5247वां जन्मोत्सव मनाया गया है। मंदिर में 568वां प्राकट्योत्सव मनाया गया है।
 
Radhashtami 2020: Radharani Birth Celebration In Temple
बरसाना स्थित राधारानी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
श्रीनारायण भट्ट ने मंदिर एवं प्रतिमाएं स्थापित कराई
600 वर्ष पूर्व दक्षिण भारत से किशोरी जी के परम भक्त श्रीनारायण भट्ट बरसाना आए थे। यहां आकर वे किशोरीजी की भक्ति में लीन हो गए। लाडली जी ने उन्हें ब्रह्मांचल पर्वत पर होने का स्वप्न दिया। इसके बाद श्रीनारायण भट्ट ने अपने शिष्य नारायण स्वामी के साथ किशोरी जी का ब्रह्मांचल पर्वत (श्रीजी मंदिर एवं जयपुर मंदिर के बीच स्थान) से प्राकट्य किया। उस तिथि के आंकलन से ही ब्रजवासियों ने लाडली जी का 568वां प्राकट्योत्सव मनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Radhashtami 2020: Radharani Birth Celebration In Temple
राधारानी मंदिर बरसाना - फोटो : Amar Ujala
मूल नक्षत्र में जन्मी लाडली किशोरी
वृषभानु नंदिनी ने भादों के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को अनुराधा नक्षत्र तथा मूल नक्षत्र में जन्म लिया था। मूल नक्षत्र में जन्म लेने से राधारानी की मूल शांति के लिए सेवायतों ने मंगलवार रात दो बजे 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 तरह की औषधियां, 27 मेवा तथा 27 ब्राह्मण, सोने चांदी की मूल-मूलनी और कांस्य के बने तेल के छाया पात्र के साथ हवन किया।
 
विज्ञापन
Radhashtami 2020: Radharani Birth Celebration In Temple
मंदिर राधारानी - फोटो : अमर उजाला
दूध, दही, शहद, बूरा, इत्र, घी, गुलाब जल, गो घृत, पंच मेवा, पंच नवरत्न, केसर आदि से श्रीजी के श्रीविग्रह का अभिषेक गोस्वामी समाज के तीनों थोक के सेवायतों व गुरु पीठ सूसठ महाराज के सानिध्य में किया गया।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed