आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में दरोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या करने वाले आरोपी विश्वनाथ का सुराग 24 घंटे बाद भी नहीं लगा है। पुलिस की 10 टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। बुधवार शाम को हुई, जब दरोगा प्रशांत कुमार दो भाइयों विश्वनाथ और शिवनाथ के बीच झगड़े की सूचना पर सिपाहियों के साथ गांव नहर्रा पहुंचे थे। विश्वनाथ के हाथ में तमंचा लिए खेत की मेड़ पर खड़ा था। दरोगा ने उसे पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन उसने गोली मार दी। इसके बाद तमंचा लहराता हुआ भाग गया।
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घटनास्थल पर पुलिस के आला अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों से पता चला है कि विजय सिंह पहलवान का पत्नी राजेश्वरी से काफी समय से विवाद चल रहा है। विवाद की वजह एक महिला बताई गई है। इस कारण पत्नी अलग हो गई। छोटा बेटा विश्वनाथ मां के साथ रहता है, जबकि विजय सिंह खुद बड़े बेटे शिवनाथ के साथ शहर में रहते हैं। विजय सिंह ने जमीन के बंटवारे के बाद सात बीघा जमीन अपने पास रखी है। छोटा बेटा इसी जमीन में मां का हिस्सा मांगता है। इसको लेकर दस साल से विवाद चल रहा है। गांव में कई बार पंचायत हो चुकी हैं। मगर, बात नहीं बन सकी।
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आरोपी विश्वनाथ
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शिवनाथ की आर्थिक स्थिति ठीक है। उसका डेयरी का भी व्यवसाय है। उसने पिता से भेज पर खेत लिया था। इसके बाद आलू की फसल की। आलू की फसल में आधा हिस्सा विश्वनाथ मांग रहा था। बुधवार को सुबह 10 बजे शिवनाथ खेत से आलू निकलवा रहे थे। तभी उनकी मां राजेश्वरी आ गईं। मां के विरोध पर भी शिवनाथ ने आलू खोदाई बंद नहीं की। बाद में विश्वनाथ भी आ गया।
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प्रशांत का फाइल फोटो
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सूचना पर दरोगा प्रशांत कुमार यादव दो सिपाही चंद्रसेन और गुलशन के साथ गांव में पहुंचे थे। दोनों भाइयों से बात की। कहा कि जिसने खेत बंटाई पर लिया है, फसल भी उसी को मिलेगी। दोपहर तीन बजे तक दरोगा पुलिसकर्मियों के साथ ही रहे थे। इस पर विश्वनाथ मां को लेकर चला गया था। इस पर फिर से आलू खोदाई होने लगी थी। शाम को साढ़े छह बजे फिर से विश्वनाथ ने विवाद किया। शिवनाथ की डेयरी पर आने वाले दूधियों और मजदूरों को तमंचा दिखाकर धमका रहा था।
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घटनास्थल पर पुलिस के आला अधिकारी
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यही सूचना पुलिस को मिली थी। दरोगा प्रशांत कुमार पास ही गांव में मौजूद थे। वह एक कार्रवाई के सिलसिले में गए थे। उनके साथ सिपाही चंद्रसेन भी मौजूद था। सूचना पर दोनों के गांव में पहुंचते ही विश्वनाथ खेत की मेड़ पर तमंचा लेकर खड़ा हो गया। यह देखकर प्रशांत कुमार ने उसे पकड़ने के लिए दौड़ लगा दी। उन्होंने विश्वनाथ को पकड़ने की कोशिश की। विश्वनाथ ने तमंचे से गोली चला दी जो दरोगा को लगी और वह गिर गए।