आगरा में गृहमंत्री अमित शाह का भांजा बनकर विधायक योगेंद्र उपाध्याय से ठगी की कोशिश करने का आरोपी यश अमीन को सोमवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी बीटेक पास है। वह दूसरी बार जेल गया है। इससे पहले उज्जैन में एक विधायक से ठगी के मामले में जेल गया था। छूटने के बाद वह फिर से यही काम करने लगा। फर्रुखाबाद के विधायक से भी धोखाधड़ी कर चुका है। आरोपी के निशाने पर भाजपा नेता और अधिकारी रहते थे।
2 of 6
भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि विधायक योगेंद्र उपाध्याय से आरोपी युवक ने गृहमंत्री अमित शाह के भांजे विराज शाह के रूप में बात की थी। इसके बाद मिलने आया था। रविवार को उसने बाजार से कपड़े खरीदे थे। 40 हजार रुपये का भुगतान करने की कहने पर विधायक के बेटे को शक हो गया था। वह उसे घर ले आए थे। इसके बाद इंटरनेट पर उसके बारे में पता किया तो हकीकत सामने आ गई थी। बाद में विधायक ने गृहमंत्री के पीए से भी बात करके पता किया। तब आरोपी की पोल खुल गई। इस पर विधायक ने आरोपी को थाना नाई की मंडी पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
3 of 6
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि आरोपी के बारे में अहमदाबाद पुलिस की मदद से भी जानकारी जुटाई जा रही है। युवक यश अमीन उर्फ यामीन उर्फ आमिर गुजरात के अहमदाबाद का निवासी है। वह खुद को गृहमंत्री अमित शाह का भांजा विराज शाह बता रहा था। उससे पूछताछ की गई। उसके मोबाइल में एक पासपोर्ट की कॉपी की फोटो थी। इस पर उसका फोटो लगा था। नाम यश अमीन लिखा था। पिता का नाम अश्विन लिखा था। वह खुद को विराज शाह पुत्र अश्विन भाई बता रहा था। मगर, ऐसा नहीं था।
4 of 6
ठग ने विधायक को कई बार किया था फोन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को आरोपी की कुछ और आईडी मिली हैं। इन पर यामीन और आमिर लिखा है। वह इसी तरह से ठगी करता है। उसने सिविल में बीटेक किया है। मगर, नौकरी नहीं लगी है। इस पर वह ठगी करने लगा। इससे पहले वर्ष 2016 में एक विधायक से ठगी की थी। वह पकड़ा गया था। पुलिस ने उसे जेल भेजा था। वह अपने झांसे में भाजपा नेता और अधिकारियों को लेता है। क्योंकि यह लोग गृहमंत्री का नाम लेने पर उससे अच्छा व्यवहार करते थे।
5 of 6
आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
थाना लेकर आने के बाद नाई की मंडी पुलिस आरोपी से दो घंटे तक पूछताछ की हिम्मत नहीं कर सकी। पहले पुलिस को धमकाता रहा। कह रहा था कि वह गृहमंत्री अमित शाह का भांजा विराज शाह है। दिल्ली फोन कर दिया है। वहां से फोन आते ही सब जान जाएंगे, वह क्या है? इस कारण पुलिसकर्मी भी शुरुआत में पूछताछ नहीं कर रहे थे। विधायक योगेंद्र उपाध्याय के पुष्टि करने के बाद ही पुलिस कर्मी पूछताछ की हिम्मत कर सके। बाद में पूछताछ में ठगी की बात कबूल की।