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अमर उजाला पड़ताल: कर्ज लेकर बेटियों के हाथ किए पीले, सरकारी अनुदान के लिए भटक रहे 'बाबुल'

Mon, 15 Mar 2021 03:18 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 15 Mar 2021 03:18 PM IST
सार

  • जिले में अधर में लटका कन्या विवाह योजना से अनुदान का भुगतान 
  • शादी के दो-तीन साल बाद भी नहीं मिला सरकारी अनुदान, आवेदक परेशान

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payment pending of grant under Kanya Vivah Yojana  in Agra district
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

आगरा जिले में कर्ज लेकर बेटियों के हाथ पीले कर दिए गए। बाबुल की दुआएं लेकर बेटियां भी विदा हो गईं, लेकिन शादी के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान के इंतजार में अब ‘बाबुल’ दर-दर भटक रहे हैं। शादी के दो-तीन साल बाद भी उन्हें सरकारी अनुदान का इंतजार है।
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केस-एक: 
भैंस बेचकर की बेटी की शादी

बरौली गुर्जर के बगदा गांव निवासी गया प्रसाद मजदूर हैं। 04 दिसंबर 2017 को बेटी ममता की शादी के लिए उन्हें 45 हजार की भैंस बेचनी पड़ी। 15 हजार की सरसों बिकी। 30 हजार रुपये कर्ज लिया। इससे बेटी की शादी तो हो गई पर अनुदान के लिए अब तक तहसील और कलक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं।
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केस-दो 
चेतराम ने 60 हजार लिया कर्ज

बरौली अहीर के ग्राम ठौर निवासी चेतराम राज मिस्त्री हैं। 18 फरवरी 2018 को बेटी सरला का विवाह किया। 60 हजार कर्ज लेकर बेटी के हाथ पीले किए। कन्या विवाह में अनुदान के लिए आवेदन किया। दो साल बाद भी अनुदान नहीं मिला। तीन बार तहसील दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। 
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केस-तीन 
बसई ताजगंज निवासी विधवा कैलादेवी ने 16 फरवरी 21 को बेटी मनोरमा का ब्याह किया। शादी से 10 दिन पहले गरीब कन्या विवाह योजना से अनुदान के लिए आवेदन किया। उधार पैसा मांगकर बेटी की शादी तो हो गई, लेकिन अब कैलादेवी बीपीएल कार्ड लेकर अनुदान के लिए भटक रही है। 

तीन तरह की योजनाएं, अलग-अलग अनुदान
जिले में तीन तरह की विवाह अनुदान योजनाएं हैं। सब में अनुदान राशि अलग-अलग है। श्रम विभाग 40 हजार रुपये देता है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से 51 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि गरीब कन्या विवाह अनुदान में 20 हजार रुपये की मदद का प्रावधान है। जिले में 2019-20 में करीब 980 कन्याओं के विवाह हुए हैं। 1500 से अधिक आवेदन आए हैं, लेकिन 600 से अधिक लोग ऐसे हैं जिनका भुगतान अधर में लटका है।

छह महीने बंद रही योजना
2019-20 में मार्च से सितंबर तक करीब छह महीने विवाह अनुदान योजनाएं बंद रहीं। समाज कल्याण विभाग से भुगतान नहीं हुए। आवेदन भी जमा नहीं हो सके। लॉकडाउन में जिन्होंने शादी की उनका भुगतान नहीं हो सका।

'खातों में जल्द पहुंचेगा पैसा'
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने कहा कि जिनकी शिकायतें आई हैं, उनके संबंध में समाज कल्याण व संबंधित विभागों को भुगतान के आदेश दिए हैं। कुछ आवेदन निरस्त भी हुए हैं। कोरोना के कारण भुगतान नहीं हो सका। पात्रों के खातों में जल्द पैसा पहुंचेगा। 
 
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