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ताजनगरी के सबसे पुराने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा का ये हाल, हो रही चांदी तस्करी
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:56 PM IST
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आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में सबसे पहले बना रेलवे स्टेशन अब चांदी तस्करी का अड्डा बनता जा रहा है। कारण सुरक्षा में हीलाहवाली और रेलवे की लापरवाही है। यह स्टेशन ऐतिहासिक आगरा किले के समीप घनी आबादी के पास बना है। यहां सुरक्षा पर न जीआरपी ध्यान दे रही है न स्थानीय पुलिस। देखा जा सकता है कैसे लोग बिना सुरक्षा के स्टेशन परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। चार पहिया गाड़ियां भी बिना चेकिंग ही प्लेटफार्म तक पहुंच रही हैं।
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि आगरा का आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन सबसे पुराना स्टेशन है। इसे ब्रिटिश काल में शुरू किया गया। स्टेशन की दरेसी वाला दूसरा गेट ट्रेनों से लाए जाने वाली चांदी और कर चोरी के माल को बाहर पहुंचाने का रास्ता बन गया है। इस गेट पर जीआरपी और आरपीएफ की चेकिंग नहीं होती है। उधर, चांदी तस्करी में पार्सल विभाग के प्राइवेट मजदूर भी लगे हुए हैं।
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो आगरा फोर्ट पर सबसे ज्यादा पार्सल ट्रेनों से उतारे जाते हैं। इसके साथ ही कर चोरी की चांदी भी लाई जाती है। मरुधर एक्सप्रेस, आगरा फोर्ट अहमदाबाद एक्सप्रेस और कामाख्या एक्सप्रेस से भी माल आता है। व्यापारी पार्सल के बीच में अपने माल का पैकेट निशान लगाकर भेजते हैं। जिसके बारे में पार्सल पोर्टरों को जानकारी होती है। वह बड़ी आसानी से इन पार्सलों को स्टेशन के बाहर तक पहुंचा देते हैं।
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आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
पार्सल की आड़ में कैंट स्टेशन पर भी काफी सामान आता है। यहां भी चेकिंग नहीं होती है। बता दें, आगरा फोर्ट और आगरा कैंट के पार्सलघरों पर रेलवे कर्मचारी कम और प्राइवेट मजदूर ज्यादा लगे हुए हैं। कैंट पर ही 60 से ज्यादा प्राइवेट कर्मचारी पार्सल ढोते हैं। कैंट के एक पार्सल ठेकेदार ने बताया कि रेलवे के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी है, यही कारण है कि दैनिक मजदूरी पर लोग रखने पड़ते हैं।
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आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
आगरा फोर्ट जीआरपी थाने के प्रभारी ललित त्यागी का कहना है कि स्टेशन पर सघन चेकिंग की जाती है। चांदी का कोई सामान काफी समय से नहीं पकड़ा गया है। अगर सूचना आती है तो ऐसे माल की चेकिंग की जाती है। आगरा कैंट जीआरपी प्रभारी एमके शर्मा का कहना है कि पिछले दिनों 12.30 लाख रुपये पकड़े गए थे। ये पैसा हवाला का था।