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National Doctors Day 2020: वैश्विक महामारी में 'भगवान' बने 'कोरोना योद्धा', पढ़िए मरीज के साथ कैसे संभाल रहे परिवार

Wed, 01 Jul 2020 02:36 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 01 Jul 2020 02:36 PM IST
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Doctor's Day 2020: Corona Virus Has Changed Lifestyle Of Doctors
चिकित्साकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सफेद कोट पहने डॉक्टर यू हीं धरती के भगवान नहीं। रात-दिन देखे बिना कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में लगे हुए हैं। थके-हारे घर पहुंचे तो परिवार के साथ घुले मिले बिना खुद को एक कमरे तक सिमटा लिया। चार महीने से लगातार ड्यूटी करने से थकान जरूर हावी है लेकिन बोले, कोरोना को हराने के बाद ही दम लेंगे।

 
Doctor's Day 2020: Corona Virus Has Changed Lifestyle Of Doctors
डॉ. आशीष गौतम का थाली बजाकर करते स्वागत बच्चे - फोटो : अमर उजाला
10-12 घंटे ड्यूटी, थाली बजाकर करते स्वागत
एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. आशीष गौतम चार महीने से कोरोना संक्रमण मरीजों के इलाज में लगे हैं। सुबह नौ बजे घर से निकलना, रात को कब घर आएंगे कोई तय नहीं। संक्रमण को देखते हुए परिजनों से भी ज्यादा घुलते-मिलते नहीं। एक कमरे में ही खाना-पीना होता है। जब वह ड्यूटी जाते हैं तब बच्चे थाली बजाकर विदा करते हैं। डॉ. गौतम बताते हैं कि एक बार कोरोना निपट जाए, तब असली जीत होगी।
Doctor's Day 2020: Corona Virus Has Changed Lifestyle Of Doctors
माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल को नमूनों की जांच, उनकी रिपोर्ट बनाने के कार्य में सुबह से देर रात हो रही है। फोन पर बच्चे बार-बार पूछते हैं घर कब आएंगी, बच्चे इंतजार कर सो जाते हैं, वह काफी देर बाद घर पहुंचती हैं। उन्होंने बताया कि कामकाज इतना है कि ऑफिस को ही दूसरा घर बना लिया है। चार महीने से यही हाल है।
 
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Doctor's Day 2020: Corona Virus Has Changed Lifestyle Of Doctors
एसएन के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अखिल प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला
एसएन के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अखिल प्रताप सिंह कोविड अस्पताल के सह प्रभारी हैं। मरीजों के इलाज से डिस्चार्ज तक की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। दिन और रात में ड्यूटी देने के बाद थकान से शरीर चूर-चूर हो जाता है, कहते हैं मरीजों के भरोसे से कार्य करने की ऊर्जा मिलती है। बस कोरोना वायरस को हरा दें, तब सही मायने में उसी दिन असल रूप में हमारा दिन होगा और डाक्टर्स डे मनाएंगे।
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Doctor's Day 2020: Corona Virus Has Changed Lifestyle Of Doctors
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जेएन टंडन, एसएन की डॉ. अंजना पांडे - फोटो : अमर उजाला
एसएन की डॉ. अंजना पांडे ट्राएज ओपीडी का जिम्मा संभाल रही हैं। दिन भर मरीजों की स्क्रीनिंग, इलाज में लग जाता है। शाम को विभागीय रिपोर्ट तैयार करना, देर शाम घर पहुंचकर परिवार भी संभालना पड़ता है। कहती हैं सैनिटाइज होने के बाद किचिन भी संभालती हूं। पति भी एसएन में हैं, बच्चों को बिल्कुल भी समय नहीं दे पाती। अब बच्चे भी मेरी जिम्मेदारी समझने लगे हैं। कोरोना को हराने के बाद ही राहत मिलेगी।

लॉकडाउन में बच्चों का बिना फीस के किया इलाज
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएन टंडन लॉकडाउन में भी इलाज करते रहे। बोले क्लीनिक जरूर बंद थी, लेकिन मरीज घर पर गंभीर हाल में बच्चे को लेकर पहुंचते तब उनकी हालत देखकर रहा नहीं जाता। गरीब परिजनों से तो फीस भी नहीं ली। जरूरतमंदों को दवाएं तक निःशुल्क दीं। बताया कि ढाई हजार से अधिक बच्चों की निःशुल्क ओपीडी की है।
 
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