आगरा में ताजगंज के पुष्पांजलि होम्स में जूता कारखाना मालिक नरेश की हत्या पत्नी प्रमिता ने प्रेमी रविकांत और उसके भाई शशिकांत के साथ मिलकर की थी। यह खुलासा पुलिस ने किया है। प्रमिता और रविकांत के बीच दो साल से प्रेम संबंध चल रहे थे। इसका विरोध करने पर प्रमिता ने प्रेमी के साथ हत्याकांड को अंजाम दिर्या। ईंट से सिर कुचलने के बाद नरेश के शव को बोरे में बंद करके घर की छत से प्लाट में फेंका गया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी फरार है। ताजगंज के नगला कली स्थित पुष्पांजलि होम्स निवासी नरेश कुमार गोबर चौकी में जूता कारखाना चलाते थे। सोमवार सुबह उनका शव घर के पीछे खाली प्लाट में बोरे में बंद पड़ा मिला था। उनके सिर को कुचला गया था। घटनास्थल के पास ही खून से सने कपड़े भी मिले थे। इस मामले में मृतक के पिता सुरेश चंद्र ने मुकदमा दर्ज कराया।
सनसनीखेज: पत्नी ने रची पति के कत्ल की खूनी साजिश, छत पर छिपा था प्रेमी, इशारा मिलते ही दिया हत्याकांड को अंजाम
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में पुलिस टीम को लगाया गया था। मृतक की पत्नी प्रमिता पर पुलिस को पहले दिन से ही शक था। क्योंकि पुलिस को घर की छत पर भी खून लगा मिला था। मंगलवार शाम को प्रमिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसमें उसने पति की हत्या अपने प्रेमी फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद स्थित नगला केवल निवासी रविकांत और उसके भाई शशिकांत के साथ मिलकर करना कबूला।
सिर पर ईंट से किए प्रहार, छत से बोरे में फेंकी लाश
एसएसपी मुनिराज जी के मुताबिक, प्रमिता ने बताया कि दो साल पहले उसकी मुलाकात रविकांत से हुई थी। उसने उसकी मदद की थी। दोनों के बीच मिलना-जुलना शुरू हो गया। वह प्रमिता से मिलने घर भी आने लगा। वह भी रविकांत के घर जाती थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। कुछ दिन पहले प्रमिता पर पति को शक हो गया था। इस बात पर झगड़ा होने लगा। नरेश दोनों के प्रेम संबंध में रोड़ा बन रहा था। इसलिए उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
सात जून की रात को 10:30 बजे रविकांत अपने भाई शशिकांत के साथ आया। उस समय नरेश घर में सो रहा था। रविकांत ने अपनी बाइक नरेश के घर के पास खंडहर मकान के बाहर खड़ी की। इसके बाद छत से चढ़कर घर में घुसा। उस समय प्रमिता ने अपने तीनों बच्चों को कोल्ड ड्रिंक और मोबाइल देकर खेलने के लिए बैठा दिया। कमरे के गेट की बाहर से कुंडी लगा दी, जिससे बच्चे बाहर नहीं आ सकें।