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सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी की सख्ती के बाद भी हरियाली का 'कत्ल', ताजनगरी में अंधाधुंध काटे गए पेड़

Fri, 07 Jun 2019 01:09 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 07 Jun 2019 01:09 PM IST
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more than one lakh trees cut in agra
यमुना एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के शहर आगरा में पेड़ काटने पर सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद भी हरियाली का कत्ल जारी है। महज एक दशक में आगरा में वन क्षेत्र 6.85 फीसदी से घटकर 6.73 फीसदी रह गया है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, इनर रिंग रोड, माल रोड, नेशनल हाईवे, रेलवे, बिजली परियोजनाओं के लिए एक दशक में दनादन पेड़ काटे गए हैं। 1.25 लाख पेड़ों पर विभिन्न योजनाओं और प्रोजेक्ट में आरी चलाई जा चुकी है।
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ऐसे कम होती गई हरियाली - फोटो : अमर उजाला
आगरा की हरियाली पर फोरेस्ट सर्वे रिपोर्ट में साफ है कि दस साल में आगरा में वन क्षेत्र में चार वर्ग किमी की कमी आई है, वहीं 79 वर्ग किमी में फैली हरी भरी झाड़ियां 2017 तक आते आते महज 64 वर्ग किमी ही रह गईं। 15 वर्ग किमी झाड़ी और वन क्षेत्र में चार वर्ग किमी की कमी आई है। यहां तक कि मध्यम वन क्षेत्र भी 67 वर्ग किमी से घटकर अब 63 वर्ग किमी रह गया है। 
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यमुना एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला
इन प्रोजेक्ट के लिए काटे गए पेड़
- 25 हजार पेड़ यमुना एक्सप्रेस के निर्माण में काटे
- 65 हजार पेड़ आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे में काटे
- 17 हजार पेड़ नेशनल हाइवे के चौड़ीकरण में कटे
- 8 हजार पेड़ बाबरपुर वन ब्लॉक में काटे गए
- 3.5 हजार पेड़ ताज के पास ताज वन ब्लॉक में कटे
- 4 हजार पेड़ बिजली परियोजनाओं में काटे गए
- 958 पेड़ों पर माल रोड चौड़ीकरण में चली आरी
- 111 पेड़ गंगाजल प्रोजेक्ट के लिए काटे गए
- 452 पेड़ रेलवे की चौथी लाइन में बन गए बाधा

इन जगह काटने को तैयार
2729 पेड़ मेट्रो रेल के लिए काटने की तैयारी
11 पेड़ ताज पूर्वी गेट पार्किंग के लिए काटेंगे
125 पेड़ पश्चिमी गेट मल्टीलेवल पार्किंग को काटेंगे
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पड़ोसी जिलों मं वन क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
ताज ट्रिपेजियम जोन आगरा समेत पड़ोसी छह जिलों में फैला है। 10,400 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले ताज ट्रिपेजियम जोन के जिलों में आगरा में ही सबसे ज्यादा हरियाली है। टीटीजेड के साथ आगरा के पड़ोसी जिलों में पौधरोपण के प्रति जागरूकता नहीं है। फारेस्ट सर्वे रिपोर्ट 2017 के मुताबिक आगरा में 6.73 फीसदी वन क्षेत्र हैं, जबकि अन्य पड़ोसी जिलों में यह आंकड़ा आधे से 2 फीसदी तक ही है। ताजमहल के कारण आगरा में ताज वन ब्लॉक, बाईंपुर, बाबरपुर में हरियाली बढ़ी है। 
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सड़क किनारे खाली रखे गमले - फोटो : अमर उजाला
टीटीजेड अथॉरिटी के सदस्य उमेश शर्मा ने बताया कि कई प्रोजेक्ट में पेड़ तो काटे गए, लेकिन लगाए नहीं गए। इन पर सख्ती होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की सख्ती न होती तो आगरा में हालात और भयावह होते, लेकिन हम टीटीजेड अथारिटी के जरिए हरियाली बढ़ाने पर जोर देंगे। 

आगरा जोन के वन संरक्षक जावेद जख्तर ने कहा कि पहले 9 तो अब 22 करोड़ पौधे लगाने के अभियान के जरिए टीटीजेड क्षेत्र में हम इस साल 28 लाख पौधे लगाने जा रहे हैं। तकनीकी की मदद से पौधरोपण में फर्जीवाड़ा भी रुकेगा। आम लोगों को जागरूक कर शहर की हरियाली बढ़ाने का प्रयास है।
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