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मोक्षदा एकादशी: तीर्थनगरी में वार्षिक अमृत कुंभ में उमड़ा आस्था का सैलाब, देखें तस्वीरें
Sun, 08 Dec 2019 05:03 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 08 Dec 2019 05:03 PM IST
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हरिपदी स्थित गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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मोक्षदा एकादशी पर्व पर रविवार को तीर्थनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर बाद तक हरिपदी स्थित गंगा में स्नानार्थियों ने डुबकी लगाकर पुण्यलाभ कमाया। ‘हर हर गंगे’ के स्वर से तुलसीनगरी गुंजायमान रही। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंच देव दर्शन किए। हरिपदी घाट से लेकर मेला परिसर तक भीड़ नजर आई।
हरिपदी गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मार्गशीर्ष माघ की एकादशी पर्व पर गंगास्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि प्राचीन काल में भगवान विष्णु ने शूकरक्षेत्र की धरा पर तृतीय अवतार भगवान वराह रूप में लिया था। तीर्थनगरी में एकादशी पर्व की पूर्व संध्या शनिवार से ही श्रद्धालु उमड़ने लगे। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में हरिपदी के घाट पर सैलाब उमड़ पड़ा। हर हर गंगे, हर हर महादेव के स्वर घाट पर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतारी और स्नान के बाद भगवान वराह के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली के लिए आशीष मांगा और मंदिरों में देवदर्शन किए।
मेला मार्गशीर्ष
- फोटो : अमर उजाला
हरिपदी घाट पर स्नान करने के बाद श्रद्धालु मेला मार्गशीर्ष में पहुंचे। सर्कस, सिनेमा, मैजिक शो, मौत के कुएं में कलाकारों के करतब देखे। बच्चों ने मिनी अप्पूघर पर जमकर मस्ती की। मेले का विशेष फल नारंगी और खजला की जमकर खरीदारी की गई।
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सोरों के मेला मार्गशीर्ष में नागा साधु
- फोटो : अमर उजाला
सोरों के मेला मार्गशीर्ष में अरसे से नागा साधुओं के शाही स्नान की परंपरा चली आ रही है। इस बार 10 दिसंबर को शाही स्नान होगा और नागा साधू शोभायात्रा के रूप में स्याही निकालेंगे। स्याही इनकी विशेष पहचान होती है। यह स्याही इलाहाबाद, उज्जैन और सोरों में ही निकाली जाती है। इस स्याही को शाही सवारी भी बोलते हैं। शाही शोभायात्रा में यह साधू करतब दिखाते हैं। माथे पर लंबा तिलक लगाए, भृकुटियां तनी हुईं और बम बम भोले के जयकारे निकालते साधू किसी सैन्य रेजिमेंट से कम दिखाई नहीं देते। शाही स्नान में शामिल होने के लिए देशभर के नागा साधू कस्बा सोरों में पहुंच गए हैं। सोरों के नागालैंड अखाड़े में इन साधुओं की धूनी रम गई है। धूनी में कई महंत संत की दीक्षा दे रहे हैं।
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शोभायात्रा में शामिल भगवान श्याम वराह का मुख्य रथ
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थनगरी में रविवार को भगवान श्याम वराह की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस्कॉन मंदिर कीर्तन मंडली के वाद्य यंत्रों से शोभायात्रा में संगीत की धुन दी गई। आरती उतारकर शोभायात्रा का आगाज हुआ। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा का आगाज हरिपदी कुंड किनारे स्थित भगवान श्याम वराह मंदिर से आरती उतारकर किया गया। श्रद्धालु जगह-जगह यात्रा पर पुष्पवर्षा कर रहे थे। कई जगह भगवान श्याम वराह की आरती उतारी गई। सुसज्जित डोले में भगवान श्याम वराह की मूर्ति आकर्षण का केंद्र रही।