आगरा के शिल्पग्राम में लगी हुनर हाट में सजावट व घर की जरूरत के एक से बढ़कर एक सामान हैं। यहां कई राज्यों के हुनरमंदों ने कई प्रकार के सामानों की स्टॉल लगाई है, यहां पर आने वाले लोगों को शिल्पी मिट्टी के बर्तन, कपड़ों पर कढ़ाई, पेपर का पेन, लकड़ी की ज्वैलरी, मेटल की मूर्तियां और पर्स बनाकर दिखा रहे है। जो लोगों को लुभा रही हैं। हुनर हाट में लगभग 23 स्टॉलों पर शिल्पी लोगों को सामानों के बारे में जानकारी देने के साथ उन्हें कैसे बनाते है यह भी बता रहे है। मिट्टी के बर्तन की स्टॉल पर लोग चाक चलाकर बर्तन बनाकर देख रहे हैं। इसके लिए लोग लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। लकड़ी से बनी ज्वैलरी महिलाओं को खूब आकर्षित कर रही है। लेदर के सामान पर की गई बारीक कारीगरी भी आकर्षण का केंद्र हैं। अन्य स्टालों पर भी कहीं सामान्य तो कहीं ज्यादा ग्राहक पहुंच रहे। इससे विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों में गजब का उत्साह है।
Hunar Haat: लोगों को लुभा रही मेटल की मूर्तियां और कपड़ों पर कढ़ाई, जानें क्या है हुनर हाट में खास
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मेटल की मूर्तियां बनाकर दिखा रहे
हुनर हाट में मेटल की मूर्तियों की भी स्टॉल लगी हुई हैं। शिल्पकार बबलू चौरसिया ने बताया कि वह तीन पीढ़ियों से मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। एक मूर्ति को तैयार करने में एक से सवा महीने का समय लग जाता है। वैसे तो बनी बनाई ही मूर्तियां हर जगह लेकर जाते हैं, लेकिन हुनर हाट में यह कैसे तैयार की जाती है यह लोगों को बना कर भी दिखा रहे हैं।
कढ़ाई के बारे में दी जानकारी
कर्नाटक से आई अजीमा बीबी ने अपने पति के साथ साड़ी सूट और दुपट्टों की स्टॉल लगाई है। उन्होंने बताया कि यह काम वह पिछले 15 सालों से कर रही हैं। वह लोगों को कढ़ाई कैसे की जाती है यह भी बता रही है। कई महिलाओं ने सुई धागा लेकर उनसे पूछकर कढ़ाई भी की। उन्होंने बताया कि अन्य महिलाएं भी उनकी तरह आत्मनिर्भर बन सके।
कचरे से बनाई जा रही खाद
शिल्पग्राम में लगी हुनर हाट में कूड़ा प्रबंधन मिसाल पेश कर रहा है। यहां कचरे से खाद बनाई जा रही है। खाद हाट में आने वाले लोगों को मुफ्त में बांटी जा रही है। इससे हुनर हाट का कूड़ा कचरा यहीं खत्म किया जा रहा है। इस खाद को घर के गमलों और बगीचे में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक विशेष मशीन लगाई गई है। स्टॉल पर सामान खरीदने वालों को थैले दिए जा रहे हैं। हाट में पॉलिथीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
चाक घुमाकर बना रहे बर्तन
शिल्पकार अजय प्रजापति ने बताया कि उनका मिट्टी के बर्तन और मूर्तियां बनाने का काम पुश्तैनी है। वह भारत के विभिन्न राज्यों में स्टॉल लगा चुके हैं, लेकिन चाक लेकर हुनर हाट में पहली बार आए हैं। उन्होंने बताया कि यहां लोगों को मिट्टी के बर्तन और मूर्ति कैसे तैयार की जाती है, इसके बारे में बता रहे है। वहीं लोग भी चाक चलाकर बर्तन बनाने का प्रयास कर रहे हैं।