फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ताजनगरी के चारों कोनों पर विराजमान हैं भगवान भोलेनाथ, महाशिवरात्रि पर जानिए इनकी महिमा

Sun, 03 Mar 2019 03:53 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 03 Mar 2019 03:53 PM IST
विज्ञापन
mahashivratri 2019 shiv temples of agra
आगरा शहर के मध्य स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर
आगरा में महाशिवरात्रि पर्व पर शहर के शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भारी उमड़ रही है। शहर के प्राचीन मंदिरों के साथ-साथ अन्य सभी मंदिरों में विशेष आयोजन किए गए हैं। शहर के चारों कोनों पर भगवान शिव के मंदिर के स्थापित हैं। मध्य भाग में श्री मनकामेश्वर और रावली महादेव भक्तों की रक्षा कर रहे हैं। जानिए इन शिव मंदिरों का महत्व...। 
mahashivratri 2019 shiv temples of agra
सिकंदरा स्थित कैलाश महादेव मंदिर
पांच हजार वर्ष से पुराना है कैलाश महादेव का दरबार

कैलाश महादेव का दरबार पांच हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। यहां दो शिव लिंग स्थापित हैं। मंदिर के मठ महंत महेश गिरि ने बताया कि कैलाश महादेव की स्थापना भगवान परशुराम और उनके पिता जमद्गिनी द्वारा की गई बताई जाती है। भारत के एकाध मंदिरों में ही दो शिव लिंग स्थापित है। मंदिर से सीधे जाया जाए तो महर्षि परशुराम के पिता का आश्रम रेणुका धाम भी बमुश्किल छह किलो मीटर की दूरी पर स्थिति है। यमुना के किनारे पर बना यह मंदिर पहले छोटा था। कैलाश मंदिर विकास ट्रस्ट के गठन के बाद से इसके जीर्णोद्धार का कार्य लगातार चल रहा है।
mahashivratri 2019 shiv temples of agra
बल्केश्वर महादेव मंदिर
बेल वृक्ष के जड़ से प्राकट्य हैं बल्केश्वर नाथ 

बल्केश्वर नाथ महादेव का दरबार शहर के प्राचीन शिव मंदिरों में से एक है। महंत सुनील कांत नागर के मुताबिक मंदिर का सही नाम बिल्वकेश्वर नाथ महादेव है। यह करीब 700 वर्ष पुराना है। बताया जाता है कि पहले यहां बेल के वृक्षों का जंगल था। बिल्वकेश्वर नाथ महादेव बेल वृक्ष के जड़ से प्राकट्य हैं। इनके दरबार में पहुंचने वाले सच्चे भक्तों की इच्छा पूरी होती है। बाबा के भभूत में बड़ी शक्ति है।
विज्ञापन
विज्ञापन
mahashivratri 2019 shiv temples of agra
भगवान पृथ्वीनाथ महादेव
अद्भुत है पृथ्वीनाथ महादेव का दरबार 

प्राचीन पृथ्वीनाथ महादेव का दरबार फतेहपुर सीकरी रोड पर है। पृथ्वीनाथ के मंदिर में कहा जाता है कि यह मंदिर पृथ्वी के गर्भ से अवतरित हुआ था। शताब्दियों पहले खोदाई में अनूठे शिव लिंग सहित इसके चारों खंभे पृथ्वी के गर्भ से निकले थे। मंदिर के अशोक पुजारी ने बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों से सुना है कि श्रीकृष्ण जी ने जहां जहां लीला रचाई वहां शिव जी दर्शन को जाते थे। इसलिए पृथ्वीनाथ महादेव की प्रतिमा द्वापर युग की बताई जाती है। इसके बारे में बताया जाता है कि कन्नौज से युद्ध करके लौट रहे पृथ्वीराज चौहान ने यहीं पर रात्रि विश्राम किया था।
विज्ञापन
mahashivratri 2019 shiv temples of agra
भगवान राजेश्वर महादेव
सैकड़ों वर्ष पुराना है राजेश्वर महादेव मंदिर

राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है। यह शहर के चारों कोनों पर स्थित भोले बाबा के मंदिरों में से एक है। मंदिर के बारे में बताया जाता है कि राजा खेड़ा का एक सेठ नर्मदा नदी के समीप से बैलगाड़ी से शिव लिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहा था। वर्तमान मंदिर स्थल के पास एक कुंआ था, वहां वह विश्राम के लिए रुका। आराम के दौरान उसे शिवजी ने सपना दिखाया कि उनको वहीं स्थापित कर दिया जाए। लेकिन सेठ माना नहीं और शिवलिंग ले जाने की कोशिश करने लगा पर शिवलिंग वहां से हिला नहीं और शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया गया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed