{"_id":"6274d27bb6e7974d28227ec0","slug":"lord-shri-krishna-studying-with-children-in-mathura-school","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अनूठी आस्था: वृंदावन में भगवान कृष्ण भी पढ़ने के लिए जाते हैं स्कूल, बच्चों के साथ सीखते हैं क ख ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनूठी आस्था: वृंदावन में भगवान कृष्ण भी पढ़ने के लिए जाते हैं स्कूल, बच्चों के साथ सीखते हैं क ख ग
संवाद न्यूज एजेंसी, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 06 May 2022 01:25 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
कक्षा में बच्चों के साथ बैठे बाल गोपाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
कहते हैं भगवान भाव के भूखे हैं और भक्त भी अपने आराध्य की सेवा, पूजा और श्रृंगार भी आस्था भाव से करते हैं। आस्था के विविध रूप ब्रज में देखने को मिलते हैं। वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को पूजा जाता है। इसी आस्था भाव से एक भक्त अपने आराध्य बाल गोपाल पढ़ाने के लिए स्कूल भेजते हैं। स्कूल की शिक्षिका बच्चों के साथ बाल गोपाल को भी क ख ग और ए बी सी डी पढ़ाती हैं।
दिल्ली के मूल निवासी 65 साल के रामगोपाल बच्चों की शादी करने के बाद सात साल पहले पत्नी के साथ वृंदावन आकर बस गए। वह बाल गोपाल को दूसरा बेटा मानते हैं। बाल गोपाल को वह हर पल अपने साथ रखते हैं। दूसरे बच्चों को देख उनके मन में बाल गोपाल को पढ़ाने का विचार आया। भगवान को तैयार करके स्कूल में पढ़ाने के लिए रामगोपाल रोज ले जाते हैं, लंच और पानी की बोतल भी दी जाती है।
2 of 5
कक्षा में बेंच पर विराजमान बाल गोपाल
- फोटो : अमर उजाला
रामगोपाल एक दिन अपने बाल गोपाल के साथ वृंदावन के इस्कॉन मंदिर गए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात विदेशी कृष्ण भक्त महिला से हुई। रामगोपाल को उदास देख उस महिला ने उनके दुखी होने का कारण पूछा। इस पर उन्होंने बताया कि वह दूसरे बच्चों की तरह अपने बाल गोपाल को स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। रामगोपाल का भाव देखकर महिला ने उनको बताया कि वह अपने बाल गोपाल को संदीपन मुनि के स्कूल में पढ़ाएं।
3 of 5
कक्षा में बेंच पर विराजमान बाल गोपाल
- फोटो : अमर उजाला
रामगोपाल अगले दिन अपने बाल गोपाल को लेकर वृंदावन के चैतन्य विहार इलाके में स्थित संदीपन मुनि स्कूल पहुंच गए। यहां उनकी मुलाकात स्कूल की प्रिंसिपल दीपिका शर्मा से हुई। रामगोपाल ने जब प्रिंसिपल को कहा कि वह भगवान को पढ़ाना चाहते हैं, तो दीपिका हैरान हो गईं। मगर, रामगोपाल जिद करने लगे। इसके बाद प्रिंसिपल ने कहा कि वह अपने बाल गोपाल का आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य डॉक्यूमेंट लेकर आएं। यह सुनकर रामगोपाल परेशान हो गए। तभी स्कूल के संस्थापक और इस्कॉन भक्त रूपा रघुनाथ दास वहां आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
बच्चों के साथ बाल गोपाल भी पढ़ाती हैं शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
रूपा रघुनाथ दास ने जब रामगोपाल को परेशान देखा। उन्होंने कहा कि एडमिशन तो नहीं कर सकते, मगर आप बाल गोपाल को पढ़ने के लिए भेजिए। इसके बाद रामगोपाल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्कूल में पहुंचने के बाद बाल गोपाल का नामकरण भी हो गया। यहां बाल गोपाल का नाम रखा गया मुच्चउ गोपाल। भगवान का नया नामकरण होने के बाद मुच्चउ गोपाल बाकी बच्चों की तरह कक्षा में बैठने लगे। शिक्षिका बच्चों के साथ-साथ मुच्चउ गोपाल को भी पढ़ाने लगी।
विज्ञापन
5 of 5
स्कूल परिसर में भजन करते बाल गोपाल के भक्त रामगोपाल
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षिका बाल गोपाल को भी क ख ग, ए बी सी डी और 1, 2, 3, 4 के अलावा अन्य विषय पढ़ाती हैं। दूसरे बच्चों की तरह रामगोपाल अपने भगवान मुच्चउ गोपाल को सुबह तैयार करते हैं। इसके बाद स्कूल का ई-रिक्शा आता है और फिर रामगोपाल भगवान को लेकर स्कूल पहुंच जाते हैं। जब भगवान की कक्षा में होते हैं तो रामगोपाल बाहर बैठकर भजन करते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।