आगरा मंडल में इस बार किसी की राह नहीं आसान, कुछ ऐसा है इन लोकसभा सीटों का सियासी हाल
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शिवपाल की प्रसपा का कितना असर ?
शिवपाल यादव भी सैफई परिवार से हैं। समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बना ली है। फिरोजाबाद से वह खुद ताल ठोकने का एलान कर चुके हैं। उनके सामने सपा के अक्षय यादव होंगे। वो चुनाव में कितना असर डाल पाते हैं? इससे किसे फायदा होगा और किसे नुकसान?
मुलायम का हाथ किसके साथ ?
मैनपुरी सीट से सपा ने मुलायम सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया है। वो संसद भवन में बयान दे चुके हैं, हम चाहते हैं कि अगली बार भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें। वो बात पीछे छूट गई। अब देखना है कि शिवपाल और अखिलेश में से मुलायम किसका साथ देते हैं।
सीकरी से क्यों हटा राज बब्बर का नाम?
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर का नाम फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से चला। वो सक्रिय भी हुए। इसके बाद अचानक से नाम हट गया। आखिर इसकी क्या वजह रही? अब कहा जा रहा है कि वो मुरादाबाद से लड़ेंगे।
विधायकों की नाराजगी कैसे दूर करेगी भाजपा ?
आगरा, फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। कोई सांसद से नाराज है तो कोई मंत्री न बनाए जाने से। अगर इनकी मर्जी से प्रत्याशी नहीं आए तो क्या ये लोग सहयोग करेंगे? यह देखने वाली बात होगी।