आगरा में टूटा हुआ पैर, गोद में बच्चा और बैसाखी के सहारे खिसकते हुए एक शिक्षिका गुरुवार को चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए संजय प्लेस से कलक्ट्रेट तक भटकती रही। ऑफिस में डीएम नहीं मिले, तो सीढ़ियों पर बैठकर रोती रही। अमर उजाला की मदद से एडीएम सिटी ने पीड़िता की सुनवाई की। जिसके बाद उसका प्रार्थनापत्र लेकर नियमानुसार कार्यवाही के लिए डीआईओएस को भेजा गया है।
टूटा हुआ पैर...गोद में बच्चा: आगरा में बैसाखी के सहारे चुनाव ड्यूटी कटवाने को भटकती रही शिक्षिका
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ड्यूटी कटवाने के लिए 400 से अधिक आवेदन जिला प्रशासन को प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि बीमार, घायल, पति-पत्नी से एक व्यक्ति की ड्यूटी नहीं लगेगी। बीमार कर्मचारियों की ड्यूटी काटने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड जांचने के बाद ड्यूटी हटा सकता है।
प्रधानाचार्यों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने की मांग
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद, जिला शाखा की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में दिया गया। प्रधानाचार्यों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग की गई है। परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह त्यागी का कहना है कि यदि प्रधानाचार्यों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाता है, तो उनकी ड्यूटी ग्रेड पे को देखते हुए ही लगाई जाए।