कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र में काली नदी की खादर में हुई वारदात ने एक बार फिर पुलिस की चूक को उजागर कर दिया। बिकरू कांड से पुलिस ने सबक नहीं लिया और यही कारण रहा कि दबिश के लिए दरोगा थाने से निहत्थे सिपाही को अपने साथ ले गए। शराब माफिया की ताकत का अंदाजा दरोगा और सिपाही को नहीं था। अगर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी होती तो यह वारदात नहीं होती।
{"_id":"6024df2e8e052b5b940039ad","slug":"kasganj-murder-case-police-big-negligence-while-raid-on-liquor-mafia","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कासगंज हत्याकांड: पुलिस की बड़ी चूक उजागर, बरती होती सतर्कता तो शायद न होती वारदात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कासगंज हत्याकांड: पुलिस की बड़ी चूक उजागर, बरती होती सतर्कता तो शायद न होती वारदात
Thu, 11 Feb 2021 01:09 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 11 Feb 2021 01:09 PM IST
विज्ञापन
कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज हत्याकांड: घायल दरोगा अशोक कुमार, शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के दस्तावेजों के मुताबिक दरोगा अशोक कुमार ने सिपाही देवेंद्र सिंह के साथ वांछित की तलाश के लिए रवानगी कराई थी। उस समय दरोगा के पास शराब के अवैध कारोबार की कोई सूचना नहीं थी। क्षेत्र में पहुंचने पर दरोगा को अवैध शराब की भट्ठियां धधकने की जानकारी हुई। उन्होंने दबिश की तैयारी की, लेकिन चूक यह रही कि उन्होंने दबिश के लिए ठोस योजना नहीं बनाई। दरोगा और सिपाही को अंदाजा नहीं था कि माफिया हथियारों से लैस होंगे और पुलिस पर हमला कर देंगे।
कासगंज हत्याकांड: मुख्य आरोपी मोती सिंह (दायें तरफ की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू में विकास तो यहां मोती बना माफिया
कासगंज में पुलिस टीम पर हमले ने कानपुर के बिकरू कांड की याद ताजा कर दी। बिकरू में गैंगस्टर विकास दुबे ने पुलिस पर हमला किया था। यहां माफिया मोती ने साथियों के साथ दरोगा-सिपाही पर हमला किया। बिकरू कांड के बाद मुख्यमंत्री ने कासगंज की घटना पर भी सख्त रवैया अपनाया है।
कासगंज में पुलिस टीम पर हमले ने कानपुर के बिकरू कांड की याद ताजा कर दी। बिकरू में गैंगस्टर विकास दुबे ने पुलिस पर हमला किया था। यहां माफिया मोती ने साथियों के साथ दरोगा-सिपाही पर हमला किया। बिकरू कांड के बाद मुख्यमंत्री ने कासगंज की घटना पर भी सख्त रवैया अपनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आत्मरक्षा का भी नहीं मिल सका मौका
दरोगा-सिपाही पर हमले के दौरान सिपाही निहत्था था लेकिन दरोगा के पास सरकारी पिस्टल थी। हालांकि घटना के दौरान दरोगा को मौका नहीं मिला कि वह आत्मरक्षा के लिए अपनी सरकारी पिस्टल का प्रयोग कर सकते। शराब माफिया और उसके गुर्गे इतने तेज थे कि उन्होंने एक ही झटके में दरोगा और सिपाही को अपने कब्जे में ले लिया।
दरोगा-सिपाही पर हमले के दौरान सिपाही निहत्था था लेकिन दरोगा के पास सरकारी पिस्टल थी। हालांकि घटना के दौरान दरोगा को मौका नहीं मिला कि वह आत्मरक्षा के लिए अपनी सरकारी पिस्टल का प्रयोग कर सकते। शराब माफिया और उसके गुर्गे इतने तेज थे कि उन्होंने एक ही झटके में दरोगा और सिपाही को अपने कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
कासगंज हत्याकांड: कटरी में कॉम्बिंग करती पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
जब तक बता पाता लोकेशन छीन लिया था मोबाइल
हमलावरों से घिरने पर सिपाही देवेंद्र ने तत्काल सूझबूझ से काम लिया और मोबाइल फोन निकालकर सिढ़पुरा थाने में कॉल की। उसने बताया कि मुझे और दरोगा को शराब माफिया और उसके गुर्गों ने घेर लिया है। हालांकि वह अपनी लोकेशन थाने में बता पाता तब तक हमलावरों ने उसका मोबाइल छीनकर ऑफ कर दिया। दरोगा का मोबाइल माफिया पहले ही छीन चुके थे।
हमलावरों से घिरने पर सिपाही देवेंद्र ने तत्काल सूझबूझ से काम लिया और मोबाइल फोन निकालकर सिढ़पुरा थाने में कॉल की। उसने बताया कि मुझे और दरोगा को शराब माफिया और उसके गुर्गों ने घेर लिया है। हालांकि वह अपनी लोकेशन थाने में बता पाता तब तक हमलावरों ने उसका मोबाइल छीनकर ऑफ कर दिया। दरोगा का मोबाइल माफिया पहले ही छीन चुके थे।