कासगंज में जैसे ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने की जानकारी सत्यवीर की मां कौशल्या और उसकी पत्नी रामश्री की मां उर्मिला देवी को हुई तो वह मौके पर पहुंच गईं। दोनों मां का कलेजा दर्दनाक मंजर देखकर फटने लगा। उनके चीत्कार से हर आंख नम हो गई। दोनों की मां की जुबां से यही निकला कि मेरा तो परिवार मिट गया। अब कुछ नहीं बचा।
तीन दिन से बंद मकान के दरवाजे खुले तो अमांपुर के लोग कांप उठे। पुलिस को सूचना देने के बाद जब मौके पर कौशल्या और उर्मिला पहुंचीं तो उनकी चीत्कार सुनकर हर किसी का मन द्रवित हो रहा था। वह सुधबुध खोकर अपने लाड़लों को पुकार रहीं थीं।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बार-बार उनकी तबीयत भी बिगड़ रही थी। लोग उन्हें बार-बार ढांढस बनाते, लेकिन मां के कलेजे को शांत कर पाना किसी के बस में नजर नहीं आ रहा था। वह तीनों बच्चों को याद करतीं और फफकतीं। घटनास्थल पर जैसे-जैसे परिवार के लोगों को सूचना मिल रही थी, वैसे वैसे लोग मौके पर पहुंच रहे थे।
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विलाप करते परिजन
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हर कोई दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर चीत्कार कर उठा। बड़ी संख्या में सत्यवीर के मूल गांव नगला भोजराज से ग्रामीण पहुंच गए। गांव की महिलाएं भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर मौके पर आ गईं। हर कोई पुलिस के सामने शव दिखाने की जिद कर रहा था, लेकिन पुलिस ने सभी मृतकों के शव एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। मौके पर जो भी मौजूद था, इस दर्दनाक मंजर से उसकी आंखें नम हो रहीं थीं।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
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पत्नी, बच्चों को मारकर खुद क्यों मरा...हर जुबां पर एक ही सवाल
कासगंज के अमांपुर कस्बे में शनिवार की शाम पेट्रोल पंप के पीछे स्थित मकान में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। घर के मुखिया सत्यवीर, उनकी पत्नी रामश्री, दो बेटियों प्राची और आकांक्षा तथा बेटा गिरीश का शव बंद कमरे में मिला है।
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घटनास्थल पर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने कमरे का दरवाजा बेल्डिंग मशीन से कटवाया तो सत्यवीर का शव लटका हुआ मिला, जबकि बाकी चारों के शव नीचे मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही कस्बे के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस को एकत्रित भीड़ को हटाने के लिए कवायद करनी पड़ी।