देवोत्थान एकादशी की सुबह जहां घर-घर में देवों को जगाने की पूजा की तैयारियां की जा रहीं थीं। पर्व को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह था। इसी उत्साह के चलते देवोत्थान के दिन घर के चूल्हे व चौक की पोताई के लिए शुद्ध पीली मिट्टी लेने के लिए महिलाएं भोर से ही कासगंज-मथुरा नेशनल हाईवे 530-बी की निर्माणाधीन पुलिया के गड्ढे में मिट्टी लेने के लिए उतर गईं। पुलिया के लिए खोदा यह गड्ढा करीब 15 फीट गहरा व 6 से 7 चौड़ा और 20-25 फीट लंबा था। इसी बीच करीब 10 मीटर लंबी ढाय धंसक गई। महिलाएं व बालिकाएं इस ढाय में दब गईं। देवों के जागने के दिन तीन महिलाएं व एक किशोरी मौत के आगोश में समाकर चिरनिंद्रा में लीन हो गईं। हादसे ने हर किसी को द्रवित कर दिया और रामपुर गांव में मातम का सन्नाटा पसर गया।
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कासगंज हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पौन घंटे में मिट्टी से निकाली जा सकी 9 जिंदगियां
कासगंज में महिलाएं, बालिकाएं हर कोई उत्साह के साथ पर्व की तैयारी के लिए मिट्टी लेने गहरे गड्ढे की ओर जा रहे थे। मिट्टी लेने का सिलसिला भोर से ही शुरू हो गया था। करीब पौने 7 बजे यह हादसा हुआ और 9 जिंदगियां मिट्टी में दब गईं। महिलाओं के शोर पर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। कोई हाथों से मिट्टी हटा रहा था तो कोई फांवड़ा से। जिसे जो मिला वह उससे जिंदगियां बचाने के जद्दोजहद में जुट गया और पौन घंटे की मशक्कत के बाद सभी 9 जिंदगियां बाहर निकाली जा सकीं।
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कासगंज हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मिट्टी में दबे लोगों को जब बाहर निकाला तो उनकी सांसे चल रहीं थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचते पहुंचते चार की सांसे थम गईं। जब यह सूचना ग्रामीणों को मिली तो वे भौंचक्के रह गए। क्योंकि उन्होंने अपने हाथों से सभी को जीवित निकाला था। मोहनपुरा चौकी की पुलिस सवा सात बजे घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
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कासगंज हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन जेसीबी व एक पोकलेन मशीन से चलाया रेस्क्यू
एक के बाद एक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचने लगीं। इसी के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो गया। तीन जेसीबी व एक पोकलेन मशीन लगाकर गड्ढे की मिट्टी को काफी गहराई तक निकाला गया। क्योंकि ग्रामीणों को इस बात की आंशका थी कि कुछ और लोग दबे हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते रेस्क्यू के साथ सुबह 9 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलता रहा।
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मिट्टी की ढाय में दबने से चार की मौत
- फोटो : अमर उजाला
भीड़ को नियंत्रित करना हुआ मुश्किल
मौके पर अफरा तफरी का ऐसा आलम था। रामपुर गांव व समीपवर्ती कांतौर गांव सहित आस पास के गांव के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। जिसने हादसे के बारे में सुना उसके पांव हादसे के स्थल की ओर बढ़ते चले गए। मौके पर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित थी। डीएम मेधा रूपम, एसपी अपर्णा रजत कौशिक, एसडीएम कोमल पंवार, सीओ आंचल चौहान, सीएफओ आरके तिवारी दमकल कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।