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जोंस मिल प्रकरणः विकास प्राधिकरण की मानचित्र रिपोर्ट से खुलासा, कब्जेदारों ने नहीं दिखाया कोई रिकॉर्ड
Fri, 15 Jan 2021 08:28 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 15 Jan 2021 08:28 AM IST
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जोंस मिल
- फोटो : अमर उजाला
जोंस मिल की जमीनों पर अवैध कब्जों के बाद अवैध निर्माण भी होते रहे लेकिन अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बहुमंजिला इमारतों के नक्शे पास हो गए। इसके लिए लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक ने एनओसी जारी की। इसका खुलासा विकास प्राधिकरण की मानचित्र रिपोर्ट से हुआ है। इसमें बताया गया है कि कब्जेदारों ने रिकॉर्ड नहीं दिखाया था।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
डीएम प्रभु एन सिंह ने यह रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। उधर रिपोर्ट में बताया गया है कि जोंस मिल क्षेत्र में 40 से अधिक बिल्डिंग, अपार्टमेंट, मार्केट व अन्य निर्माण ऐसे हैं जिनके नक्शे पास हैं। इनमें तीन नक्शों की रिपोर्ट जांच के दौरान सामने आई है। परंतु विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने जब जोंस मिल में जाकर कब्जेदारों से मानचित्र स्वीकृति व अन्य रिकॉर्ड मांगा तो नहीं दिखाया गया। उधर एडीए सचिव द्वारा जांच समिति अध्यक्ष को भेजे पत्र से खुलासा हुआ है कि मल्टीस्टोरी व अपार्टमेंट निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति आवेदन के साथ सदर तहसील का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए हैं। ये प्रमाण पत्र एडीए ने जांच अधिकारी को भेजे गए हैं।
जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
23 खसरों का अब विस्तृत सर्वे होगा
तहसील से दी गई एनओसी में निर्माणाधीन स्थलों का राजस्व भूमि होने से इनकार किया गया है। जबकि जांच में 88 एकड़ से अधिक नजूल भूमि मिली हैं। तहसील, नगर निगम, पुलिस के संयुक्त सर्वे में 139 अवैध कब्जेदार मिले हैं। जिन्होंने जोंस मिल में जमीनी खरीदीं, लेकिन सर्वे टीम को खरीद के दस्तावेज नहीं दिखाए। ऐसे में जांच अधिकारी ने डीएम से सभी 23 खसरों का दोबारा विस्तृत सर्वे कराने के लिए पत्र लिखा है।
तहसील से दी गई एनओसी में निर्माणाधीन स्थलों का राजस्व भूमि होने से इनकार किया गया है। जबकि जांच में 88 एकड़ से अधिक नजूल भूमि मिली हैं। तहसील, नगर निगम, पुलिस के संयुक्त सर्वे में 139 अवैध कब्जेदार मिले हैं। जिन्होंने जोंस मिल में जमीनी खरीदीं, लेकिन सर्वे टीम को खरीद के दस्तावेज नहीं दिखाए। ऐसे में जांच अधिकारी ने डीएम से सभी 23 खसरों का दोबारा विस्तृत सर्वे कराने के लिए पत्र लिखा है।
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जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
मामले की जांच हो रही
रिपोर्ट से पता चला है कि निर्माण के लिए एनओसी जारी की गई। तहसील स्तर से कैसे एनओसी जारी की गई इसकी जांच हो रही है। नजूल की एनओसी निरस्त कर दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। . प्रभु एन सिंहए जिलाधिकारी
रिपोर्ट से पता चला है कि निर्माण के लिए एनओसी जारी की गई। तहसील स्तर से कैसे एनओसी जारी की गई इसकी जांच हो रही है। नजूल की एनओसी निरस्त कर दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। . प्रभु एन सिंहए जिलाधिकारी
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जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले अफसरों पर कार्रवाई हो
जोंस मिल के हिस्सेदारों से लेकर यहां जमीन खरीदने वाले लोगों ने बैनामे कराए, संबंधित विभागों से एनओसी ली. नक्शे पास कराए। इस तरह लोगों ने कानून का पालन किया। अगर कुछ गलत हुआ तो वह अफसरों ने किया। सबसे पहले उन पर ही कार्रवाई होनी चाहिए। विनय पाटनीए हिस्सेदार, जोंस मिल
जोंस मिल के हिस्सेदारों से लेकर यहां जमीन खरीदने वाले लोगों ने बैनामे कराए, संबंधित विभागों से एनओसी ली. नक्शे पास कराए। इस तरह लोगों ने कानून का पालन किया। अगर कुछ गलत हुआ तो वह अफसरों ने किया। सबसे पहले उन पर ही कार्रवाई होनी चाहिए। विनय पाटनीए हिस्सेदार, जोंस मिल