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शिवाजी नहीं, महाराजा सूरजमल के नाम पर हो मुगल म्यूजियम, जाट महासभा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
Sat, 19 Sep 2020 11:28 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:28 AM IST
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आगरा के मुगल म्यूजियम का नाम बदला गया
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी संग्रहालय करने के बाद सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने जहां इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नया शिगूफा बताया, वहीं अखिल भारतीय जाट महासभा ने म्यूजियम का नाम महाराजा सूरजमल के नाम पर रखने की मांग उठाई। इस मांग को लेकर जाट महासभा ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को नामित एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा।
महाराजा सूरजमल और उनसे जुड़ा इतिहास
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने महाराजा सूरजमल के इतिहास पर रोशनी डाली। ज्ञापन में कहा गया है कि हम छत्रपति शिवाजी का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी आगरा न ब्रज क्षेत्र की जनता के लिए कोई लड़ाई लड़ी। शिवाजी को औरंगजेब की कैद से निकालने में महाराज सूरजमल के पूर्वज राजाराम जाट ने सहयोग किया था।
जाट महासभा के सदस्यों ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि महाराजा सूरजमल और उनके पुत्रों ने आगरा किले से 1761 से 1774 तक शासन किया। उन्होंने जीवनकाल में 80 युद्ध लड़े और जीते। ऐसे में मुगल म्यूजियम का नाम महाराजा सूरजमल के नाम पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में महाराजा सूरजमल और वीर गोकुला की मूर्तियां भी किले के आसपास लगवाने की मांग की गई।
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शिवाजी के नाम से होगा आगरा का म्यूजियम
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल से 1300 मीटर दूर बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिए जाने के साथ ही अब इसका निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद है। नौ महीने से म्यूजियम का काम बंद पड़ा हुआ है। दिसंबर, 2017 में म्यूजियम का निर्माण पूरा होना था, लेकिन बजट न मिलने से म्यूजियम का काम रुका रहा। अब तय समय से चार साल बाद ही म्यूजियम का काम पूरा हो सकेगा।
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म्यूजियम की इमारत
- फोटो : अमर उजाला
शिवाजी संग्रहालय में ये होगा खास
- विभिन्न कालखंडों के अनुसार शहर के डिजिटल नक्शे और उत्खनन की जानकारी मिलेगी।
- महाभारत काल में अग्रवन से लेकर मुगल शासन तक की जानकारी मिलेगी।
- छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से जुड़े तथ्यों को गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा।
- गैलरी की छत पर ग्लास प्रिंटेड पैनल लगे होंगे। इनकी प्रतिकृति नीचे फर्श पर पड़ेगी तो आगरा व आसपास के क्षेत्रों के नक्शे उभरेंगे।
- समय के साथ वास्तुकला में आए बदलावों को दिखाया जाएगा। ताजमहल, आगरा किला और अन्य स्मारकों के मॉडल होंगे।
- गुंबद, कलश, मेहराब, तोड़े, छतरी आदि के बारे में जानकारी मिलेगी।
- शहर के पेठा, दालमोंठ, चर्म उद्योग व मार्बल की पच्चीकारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- पुराने शहर, फैशन, मौसम और जनसंख्या के बारे में जानकारी मिलेगी।
- शहर की शिल्पकलाओं, बर्तन, आभूषण, मार्बल, गलीचा, कपड़े, पेंटिंग की जानकारी मिलेगी।
- विभिन्न कालखंडों के अनुसार शहर के डिजिटल नक्शे और उत्खनन की जानकारी मिलेगी।
- महाभारत काल में अग्रवन से लेकर मुगल शासन तक की जानकारी मिलेगी।
- छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से जुड़े तथ्यों को गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा।
- गैलरी की छत पर ग्लास प्रिंटेड पैनल लगे होंगे। इनकी प्रतिकृति नीचे फर्श पर पड़ेगी तो आगरा व आसपास के क्षेत्रों के नक्शे उभरेंगे।
- समय के साथ वास्तुकला में आए बदलावों को दिखाया जाएगा। ताजमहल, आगरा किला और अन्य स्मारकों के मॉडल होंगे।
- गुंबद, कलश, मेहराब, तोड़े, छतरी आदि के बारे में जानकारी मिलेगी।
- शहर के पेठा, दालमोंठ, चर्म उद्योग व मार्बल की पच्चीकारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- पुराने शहर, फैशन, मौसम और जनसंख्या के बारे में जानकारी मिलेगी।
- शहर की शिल्पकलाओं, बर्तन, आभूषण, मार्बल, गलीचा, कपड़े, पेंटिंग की जानकारी मिलेगी।