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खौफनाक हादसा: 140 की रफ्तार, टायर फटा और हवा में उछलकर 25 फीट गहरी खाई में गिरीं मां-बेटी; तस्वीरें
Fri, 29 May 2026 09:19 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 29 May 2026 09:19 AM IST
सार
40 किमी घंटा की तेज रफ्तार कार का टायर फटने से गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी तरफ पलट गई, जिससे कार में आगे बैठी इंजीनियर की पत्नी और बच्ची हवा में 5 फीट उछलकर 25 फीट गहरी खाई में जा गिरी। दिल्ली एमईएस में तैनात इंजीनियर निशांत वशिष्ठ की इस कार में सवार बच्ची समेत अन्य लोग गाड़ी के भीतर ही फंसे रह गए।
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खौफनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र में लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार दोपहर दयालबाग के रहने वाले एमईएस के इंजीनियर निशांत वशिष्ठ का परिवार हादसे का शिकार हो गया। अगला टायर फटने से तेज रफ्तार कार असंतुलित होकर डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी लेन में पहुंच गई और कई बार पलटने के बाद 50 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे के दौरान कार का दरवाजा खुलने से इंजीनियर की पत्नी खाई में जा गिरीं। वहीं उनकी आठ माह की बेटी यति की मौत हो गई। घायल इंजीनियर दंपती का इलाज चल रहा है।
बच्ची का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं निशांत और वैष्णवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। निशांत एमईएस में इंजीनियर हैं। पत्नी भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। घटना की जानकारी पर पहुंचे परिजन ने बताया कि दंपती दिल्ली में रहते हैं। एक महीने पहले ही छुट्टी लेकर घर आए थे। आकांक्षा को मामूली चोट लगी। परिजन ने घायलों को एसएन से रेफर कराकर सिकंदरा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
कार हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच फीट उछल गई थीं वैष्णवी
कार में आगे की सीट पर वैष्णवी अपनी बेटी यति के साथ बैठी थीं। कार के पलटने पर वो बाहर निकलकर पांच फीट उछलकर करीब 25 फीट गहरी खाई में पत्थरों पर जा गिरी थीं। बच्ची यति, निशांत व आकांक्षा कार में ही रह गए। निशांत वशिष्ठ एमईएस दिल्ली में इंजीनियर हैं।
कार में आगे की सीट पर वैष्णवी अपनी बेटी यति के साथ बैठी थीं। कार के पलटने पर वो बाहर निकलकर पांच फीट उछलकर करीब 25 फीट गहरी खाई में पत्थरों पर जा गिरी थीं। बच्ची यति, निशांत व आकांक्षा कार में ही रह गए। निशांत वशिष्ठ एमईएस दिल्ली में इंजीनियर हैं।
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कार हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
140 किमी प्रति घंटा थी रफ्तार
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी प्रथम सोबरन सिंह का कहना है कि कार का अगला टायर फटने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर लगी जाली को तोड़ते हुए दूसरी लाइन में जाकर पलट गई। कार सवार महिला करीब पांच फीट की ऊंचाई की जाली के ऊपर होकर आरओडब्ल्यू क्षेत्र में गिर गई थीं। कार की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा होने की संभावना है।
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी प्रथम सोबरन सिंह का कहना है कि कार का अगला टायर फटने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर लगी जाली को तोड़ते हुए दूसरी लाइन में जाकर पलट गई। कार सवार महिला करीब पांच फीट की ऊंचाई की जाली के ऊपर होकर आरओडब्ल्यू क्षेत्र में गिर गई थीं। कार की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा होने की संभावना है।
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कार हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटी की देखभाल के लिए केयरटेकर ला रहे थे दंपती
परिजन ने बताया कि निशांत और वैष्णवी नाैकरी करते हैं। घर में बेटी की देखभाल के लिए किसी की जरूरत थी। इसलिए मैनपुरी में अपने मामा से बात की। उन्होंने एक केयरटेकर के बारे में बताया। कहा था कि वो घर में रहकर देखभाल कर लेगी। इस पर निशांत केयरटेकर आकांक्षा को लेने मैनपुरी गए थे। उसे लेकर कार से दिल्ली लौट रहे थे। कार की अगली सीट पर वैष्णवी बेल्ट लगाकर बैठी थीं। निशांत कार चला रहे थे। हादसे से कुछ देर पहले ही वैष्णवी ने बेटी को गोद में लिया और इस कारण सीट बेल्ट खोल दी थी। तभी कार अनियंत्रित हो गई। बेटी यति कार के अंदर ही गिर गई, जबकि वैष्णवी कार से बाहर निकलकर खाई में जा गिरीं। निशांत बेल्ट लगी होने की वजह से कार में ही रह गए। पीछे की सीट पर होने की वजह से आकांक्षा को मामूली चोटें ही आईं।
परिजन ने बताया कि निशांत और वैष्णवी नाैकरी करते हैं। घर में बेटी की देखभाल के लिए किसी की जरूरत थी। इसलिए मैनपुरी में अपने मामा से बात की। उन्होंने एक केयरटेकर के बारे में बताया। कहा था कि वो घर में रहकर देखभाल कर लेगी। इस पर निशांत केयरटेकर आकांक्षा को लेने मैनपुरी गए थे। उसे लेकर कार से दिल्ली लौट रहे थे। कार की अगली सीट पर वैष्णवी बेल्ट लगाकर बैठी थीं। निशांत कार चला रहे थे। हादसे से कुछ देर पहले ही वैष्णवी ने बेटी को गोद में लिया और इस कारण सीट बेल्ट खोल दी थी। तभी कार अनियंत्रित हो गई। बेटी यति कार के अंदर ही गिर गई, जबकि वैष्णवी कार से बाहर निकलकर खाई में जा गिरीं। निशांत बेल्ट लगी होने की वजह से कार में ही रह गए। पीछे की सीट पर होने की वजह से आकांक्षा को मामूली चोटें ही आईं।