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UP: जिस हिस्ट्रीशीटर से कांपते थे लोग...इसलिए दोस्त के भाई और भतीजे ने मार डाला; दोहरे हत्याकांड का खुलासा
Wed, 16 Jul 2025 07:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 16 Jul 2025 07:41 AM IST
सार
Double Murder In Agra: आगरा के किरावली में हिस्ट्रीशीटर और साथी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कातिल कोई और नहीं बल्कि हिस्ट्रीशीटर के भाई और भतीजे निकले।
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दोहरे हत्याकांड में बड़ा खुलासा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
Agra Crime News: आगरा के किरावली के गांव पुरामना में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। मृतक कृष्णपाल के बड़े भाई अजयपाल ने पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए पूरी साजिश रची थी। उसके 15 वर्षीय बेटे ने अपने मित्र मनीष और धनीष को 5 लाख रुपये का लालच दिया था। तीनों ने योजना के तहत घटना वाले दिन कृष्णपाल को फोन करके बुलाया। वह हिस्ट्रीशीटर नेत्रपाल के साथ आया। दोनों पर पहले फायरिंग की गई। इससे बचने पर सरिया से ताबड़तोड़ प्रहार करके मार दिया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतकों के फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए एसीपी अछनेरा गाैरव सिंह के नेतृत्व में टीम को लगाया गया। मंगलवार को आरोपी अजय पाल, उसके नाबालिग बेटे, उसके दोस्त मनीष और धनीष उर्फ धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि अजय पाल का अपने छोटे भाई कृष्णपाल से संपत्ति के लिए विवाद चल रहा है।
नेत्रपाल के घर गमगीन महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके पिता लालाराम एक विभाग में अभियंता थे। उन्होंने अजय पाल को संपत्ति में देखरेख की जिम्मेदारी दे रखी थी। इसका विरोध कृष्णपाल करता था। वह संपत्ति में हक मांग रहा था। इस पर कई बाद विवाद भी हुआ था। पंचायत में एक बार समझाैता भी हो गया था मगर अजय पाल खुश नहीं था। इस पर अजयपाल ने हत्याकांड का तानाबाना अपने बेटे के साथ रचा था।
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आगरा में डबल मर्डर की घटना के बाद मौजूद भीड़
- फोटो : संवाद
मृतक कृष्णपाल के ससुर से पुलिस को मिला सुराग
एसीपी गाैरव सिंह ने बताया कि मुकदमे में वादी अजयपाल बना था। वह कृष्णपाल का बड़ा भाई है। हत्याकांड की साजिश उसी ने रची थी। वह पुलिस के सामने ज्यादा जानकारी नहीं दे रहा था। रंजिश से इंकार कर दिया। कृष्णपाल के ससुर पुलिस से मिले। बताया कि हत्याकांड में रंजिश नहीं बल्कि अपनों का हाथ है। दोनों भाइयों में संपत्ति का विवाद था। समधी लालाराम पर कई बीघा खेत और प्लाॅट भी हैं। कृष्णपाल को मात्र दो बीघा खेत ही मिला था। बाकी संपत्ति पिता ने अजयपाल को दे रखी थी। उसका बेटा हिसाब किताब रखता था। कृष्णपाल अपना हक पाने के लिए 6 साल से परिवार से लड़ाई लड़ रहा था। पंचायत हुई। मगर, बात नहीं बनी। अजयपाल पूरी संपत्ति पर कब्जा चाहता था। मृतक के ससुर ने इसी विवाद में हत्या की आशंका जाहिर की।
एसीपी गाैरव सिंह ने बताया कि मुकदमे में वादी अजयपाल बना था। वह कृष्णपाल का बड़ा भाई है। हत्याकांड की साजिश उसी ने रची थी। वह पुलिस के सामने ज्यादा जानकारी नहीं दे रहा था। रंजिश से इंकार कर दिया। कृष्णपाल के ससुर पुलिस से मिले। बताया कि हत्याकांड में रंजिश नहीं बल्कि अपनों का हाथ है। दोनों भाइयों में संपत्ति का विवाद था। समधी लालाराम पर कई बीघा खेत और प्लाॅट भी हैं। कृष्णपाल को मात्र दो बीघा खेत ही मिला था। बाकी संपत्ति पिता ने अजयपाल को दे रखी थी। उसका बेटा हिसाब किताब रखता था। कृष्णपाल अपना हक पाने के लिए 6 साल से परिवार से लड़ाई लड़ रहा था। पंचायत हुई। मगर, बात नहीं बनी। अजयपाल पूरी संपत्ति पर कब्जा चाहता था। मृतक के ससुर ने इसी विवाद में हत्या की आशंका जाहिर की।
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आगरा डबल मर्डर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्याकांड के बाद मित्रों में झगड़ा दर्शाना चाहते थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि कृष्णपाल का भाई अजयपाल पिछले 4 महीने से हत्या की योजना बना रहा था। उसके बेटे ने अपने मित्रों मनीष और धनीष को पांच लाख रुपये देने का लालच दिया। वह तैयार हो गए। एडवांस में दोनों ने 20 हजार रुपये लिए। मनीष ने एक नया सिम खरीदा था। घटना वाले दिन धनीष ने नेत्रपाल को पार्टी करने के बहाने मिलने के लिए बुलाया। नेत्रपाल के साथ उसका साथी हिस्ट्रीशीटर भी पहुंचा। योजना थी कि हत्या हुई तो यह समझा जाएगा कि उन दोनों के बीच विवाद हुआ था।
पुलिस ने बताया कि कृष्णपाल का भाई अजयपाल पिछले 4 महीने से हत्या की योजना बना रहा था। उसके बेटे ने अपने मित्रों मनीष और धनीष को पांच लाख रुपये देने का लालच दिया। वह तैयार हो गए। एडवांस में दोनों ने 20 हजार रुपये लिए। मनीष ने एक नया सिम खरीदा था। घटना वाले दिन धनीष ने नेत्रपाल को पार्टी करने के बहाने मिलने के लिए बुलाया। नेत्रपाल के साथ उसका साथी हिस्ट्रीशीटर भी पहुंचा। योजना थी कि हत्या हुई तो यह समझा जाएगा कि उन दोनों के बीच विवाद हुआ था।