हाथरस हादसे की विभीषिका की गवाही कीचड़ में सने शव बयां कर रहे थे। डॉक्टरों ने जब पोस्टमार्टम किया तो वो भी सिहर गए। शव कीचड़ में सने थे। नाक, कान में गंदगी भरी थी। पसलियां टूटकर फेफड़ों में समा गई थीं। खून भी भर गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश की मौत दम घुटने से हुई है।
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हाथरस भगदड़ मामला
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एसएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम में 21 शवों का पोस्टमार्टम हुआ। ये सभी महिलाएं हैं। इनकी उम्र 35 से 70 साल रही। पोस्टमार्टम के लिए 8 डॉक्टरों की टीम लगी रही। पहला शव मंगलवार की शाम 7 बजे आ गया था, 9 बजे पोस्टमार्टम हो गया।
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बाबा की पिंक आर्मी का कहर
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रात डेढ़ बजे 9 शव लेकर बस आईं। इसके बाद एंबुलेंस में शव आते गए। बुधवार की दोपहर 1 बजे तक पोस्टमार्टम हुआ। करीब 16 घंटे में 21 शवों का पोस्टमार्टम किया गया।
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hathras stampede
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चिकित्सकों ने बताया कि शवों की हालत बहुत खराब थी। कीचड़, मिट्टी से शरीर सना था। सिर, हाथ-पैर, छाती समेत अलग-अलग जगह की एक से अधिक हड्डियां टूटीं थीं।
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hathras stampede
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह दम घुटने और शॉक एंड हेमरेज मिली है। 15 की दम घुटने से मौत हुई है। 3 के पसली फेफड़ों में घुसने से शॉक एंड हेमरेज और 3 के सिर में चोट लगने से ब्रेन हेमरेज हो गया था।