आगरा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सड़कों और गलियों में लगभग 2800 मीट्रिक टन कूड़ा बिखरा हुआ है। घरों से लेकर कुबेरपुर लैंडफिल साइट तक कूड़ा उठाया नहीं गया। 1200 से ज्यादा डस्टबिन और 450 से ज्यादा डलाबघरों के साथ शहर के 3.25 लाख घरों में डस्टबिन कचरे से भरे हुए हैं। शहर के प्रमुख मार्ग एमजी रोड, एमजी रोड-2, वीआईपी रोड और यमुना किनारा रोड के साथ नेशनल हाईवे के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर में यह पहला मौका है जब चार दिनों से सफाई व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। हड़ताल के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
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आगरा की गलियों-सड़कों पर बिखरा कूड़ा, प्रदर्शन ने बढ़ाई सड़ांध, संक्रामक बीमारियों का खतरा
Sun, 04 Oct 2020 03:21 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 04 Oct 2020 03:21 PM IST
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शहर की सड़कों और गलियों में बिखरा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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तोता का ताल में सड़क पर बिखरा पड़ा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
लोहामंडी वार्ड के तोता का ताल में मेयर नवीन जैन और नगर आयुक्त को गांधी जयंती पर सफाई अभियान शुरू करना था, लेकिन शनिवार को पूरी सड़क कचरे से भर गई। यहां चार दिन से कूड़ा पड़ा होने से आवारा जानवर डेरा जमा चुके हैं।
स्थानीय निवासी शांति देवी ने बताया कि घर के पास कचरे के ढेर लगे हैं। सड़ांध के कारण घर में बैठना मुश्किल हो गया है। घर से ही चार दिनों से कूड़ा नहीं उठा। बाहर सड़क पर भी बिखरा हुआ है।
स्थानीय निवासी शांति देवी ने बताया कि घर के पास कचरे के ढेर लगे हैं। सड़ांध के कारण घर में बैठना मुश्किल हो गया है। घर से ही चार दिनों से कूड़ा नहीं उठा। बाहर सड़क पर भी बिखरा हुआ है।
हाथरस केस: शहर में लगे कूड़े के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
एमजी-2 के नाम से चर्चित सिकंदरा शाहगंज रोड बोदला चौराहा से पहले नाले की पुलिया पर आधी सड़क कचरे से भरी है। इसी रोड पर ईंट मंडी के पास सब्जी मंडी के सामने डस्टबिन और इसके पास कचरा बिखरा पड़ा है।
बोदला के रहने वाले राकेश कुशवाहा ने कहा कि कूड़े की बदबू के कारण घर के अंदर रहना दूभर है। कूड़े में पीपीई किट, मास्क फेंके गए हैं। कोरोना के कारण पहले ही डरे हुए हैं। इससे तो रोग और फैलेगा।
बोदला के रहने वाले राकेश कुशवाहा ने कहा कि कूड़े की बदबू के कारण घर के अंदर रहना दूभर है। कूड़े में पीपीई किट, मास्क फेंके गए हैं। कोरोना के कारण पहले ही डरे हुए हैं। इससे तो रोग और फैलेगा।
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सड़क पर बिखरा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
पुराने शहर में धूलियागंज में मुख्य मार्ग पर चार दिन से कूड़ा न उठने के कारण हालात बेहद खराब हैं। सड़क पर ही डलाबघर होने से पूरी सड़क कचरे से भरी हुई है। वाहन कचरे के ऊपर से निकल रहे हैं और आवारा जानवरों ने कचरा चारों ओर फैला दिया है।
स्थानीय निवासी रमेश गुप्ता ने कहा कि कूड़े के कारण सड़क पर चलना मुहाल हो गया है। कूड़े में पीपीई किट, मास्क भी पड़े हैं। संक्रमण काल में लोग पहले से ही डरे हुए हैं। बदलते मौसम में बीमारियां फैल रही हैं अब ऊपर से संक्रमक रोगों का डर हो गया है।
स्थानीय निवासी रमेश गुप्ता ने कहा कि कूड़े के कारण सड़क पर चलना मुहाल हो गया है। कूड़े में पीपीई किट, मास्क भी पड़े हैं। संक्रमण काल में लोग पहले से ही डरे हुए हैं। बदलते मौसम में बीमारियां फैल रही हैं अब ऊपर से संक्रमक रोगों का डर हो गया है।
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बलवाइयों को खदेड़ते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि हाथरस कांड के विरोध में आगरा में लगातार चार दिन सफाई व्यवस्ता ठप रही। सफाई कर्मचारी हड़ताल पर थे। शनिवार को नगर निगम की वर्कशॉप के वाहन निकले तो कुछ युवकों ने बवाल कर दिया। सफाई कर्मचारी नेता रामजी लाल विद्यार्थी ने कहा कि किसी सफाईकर्मी ने पथराव नहीं किया। हम लोग हड़ताल खत्म कर चुके हैं, लेकिन अराजक तत्व नहीं चाहते, इसलिए पथराव कर उन्होंने माहौल बिगाड़ा है।