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मोबाइल टार्च की रोशनी में शहीद को अंतिम विदाई, बदइंतजामी पर लोगों ने प्रशासन को कोसा

Sun, 20 Oct 2019 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 20 Oct 2019 12:03 AM IST
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funeral of martyr in light of mobile torch in firozabad
मोबाइल टार्च की रोशनी में शहीद का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा...। शहीदों के सम्मान में समर्पित इन पंक्तियों को जब गुनगुनाया जाता है तो शहीदों के सम्मान में शीश झुक जाते हैं। देश के लिए शहीद हुए मक्खनपुर के गांव चमरौली निवासी विजयभान के अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन की बदइंतजामी ने लोगों को शर्मसार कर दिया। तिरंगे में लिपटे शहीद विजयभान के पार्थिव शरीर को जिस समय चिता पर रखा गया उस वक्त अंधेरा था। लोगों को रोशनी के लिए अपने-अपने मोबाइल की टार्च ऑन करनी पड़ी। हर कोई प्रशासन की बदइंतजामी को कोसता नजर आया।
funeral of martyr in light of mobile torch in firozabad
अफसर के आगे हाथ जोड़ते शहीद के परिजन - फोटो : अमर उजाला
17 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल विजयभान यादव का पार्थिव शरीर शनिवार शाम साढे़ चार बजे उनके पैतृक गांव चमरौली पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन जिले का कोई बड़ा अफसरशहीद के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचा। इसका दर्द शनिवार को परिवार के लोगों ने सार्वजनिक किया तो गांव के लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। 
funeral of martyr in light of mobile torch in firozabad
शहीद के परिजनों को तिरंगा सौंपते अफसर - फोटो : अमर उजाला
प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव तब फूल गए, जब परिजनों ने कई शर्तों को रखते हुए अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। डेढ़ घंटे तक तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर रखा रहा। डीएम चंद्रविजय सिंह ने सभी मांगों पर लिखित आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। शाम करीब आठ बजे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। 
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funeral of martyr in light of mobile torch in firozabad
शहीद को सलामी देते जवान - फोटो : अमर उजाला
मांगों को लेकर डेढ़ घंटे तक अंतिम संस्कार रोका गया। ऐसे में अंधेरा हो गया लेकिन प्रशासन ने रोशनी का इंतजाम तक नहीं कराया था। अंधेरे में तिरंगे में लिपटा शहीद का शव चिता पर रखते समय लोगों ने मोबाइल फोन की टार्च से रोशनी की। टीवी चैनलों से जुडे़ लोगों ने कैमरों के साथ लगी लाइटें जलाई। वाहनों की हेडलाइटें जलाई गईं। इसके बाद रोशनी की व्यवस्था हो सकी।
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शहीद विजयभान - फोटो : अमर उजाला
शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को उम्मीद थी कि सैन्य और राजकीय सम्मान के दौरान भाजपा का कोई मंत्री उपस्थित रहेगा, लेकिन मंत्री तो दूर भाजपा के स्थानीय सांसद डट. चंद्रसेन जादौन भी काफी देर से पहुंचे। भाजपा नेताओं में विधायक मनीष असीजा, शिकोहाबाद विधायक डॉ. मुकेश वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी नरायन यादव सहित कुछ अन्य स्थानीय नेता मौजूद रहे। 
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