आगरा के बाह और पिनाहट क्षेत्र में पानी उतरने के साथ ही चंबल की बाढ़ में बहे नन्हें घड़ियालों की तलाश शुरू हो गई है। बाढ़ के पानी के साथ खादरों में फंसे घड़ियाल शिशुओं को वन विभाग कर्मी नदी की राह दिखाने में जुटे हैं। घड़ियाल शिशुओं के पचनदा तक बहकर जाने की आशंका है। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि इस साल चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज में हैचिंग से 2800 घड़ियाल शिशुओं का जन्म हुआ था। चंबल में वयस्क घड़ियालों की संख्या 2176 है। बाढ़ में घड़ियाल और शिशु बहकर पचनदा तक पहुंच जाते हैं। कुछ बाढ़ के पानी के साथ खादरों में फंस गए थे। पानी घटने के साथ ही घड़ियालों की तलाश शुरू हो गई है। घड़ियाल और उनके नन्हें शिशुओं को खादर से नदी तक की राह दिखाई जा रही है।
Alligators in Chambal: चंबल की बाढ़ में बहे नन्हे घड़ियालों की तलाश, इस साल जन्मे थे 2800 शिशु
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 31 Aug 2022 12:35 PM IST
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