यमुना का जलस्तर बढ़ने से मथुरा और वृंदावन में बाढ़ के हालात बन गए हैं। जिन इलाकों में भी पानी आ गया, वहां के लोग घर खाली करने लगे हैं। खादर की कई कालोनियों में तो स्थिति यह है कि लोग छत पर सो रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, लेकिन मदद के नाम पर प्रशासन और नगर निगम खामोश हैं। अभी तक किसी अधिकारी ने प्रभावित इलाके का दौरा तक नहीं किया है।
बाढ़ से कई इलाके जलमग्न, सड़कों पर चलने लगी नाव, तस्वीरों में देखें तीर्थनगरी का हाल
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मथुरा में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
यमुना में आई बाढ़ ने जयसिंहपुरा की कई कालोनियों को मंगलवार को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। गणेशधाम आदि कालोनियों के अंदर तक पानी पहुंच गया। इससे करीब 100 मकान बाढ़ के पानी से घिर गए। इनमें रह रहे सैकड़ों लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। घर का सामान बाहर ले जाने के लिए उनके पास कोई साधन उपलब्ध नहीं है।
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बाढ़ के चलते तमाम लोग तो अपने घर को छोड़कर जाने लगे हैं। कोई रिश्तेदार के घर चला गया है तो किसी ने पानी से बाहर खाली प्लाट में तंबू तान दिया है। पलायन करने वाले परिवारों में गणेश धाम कालोनी के विष्णु, बब्बू आदि के परिवार शामिल हैं। कंस टीला परिक्रमा मार्ग, सदर बाजार क्षेत्र के अलावा जमुनापार के गांव हंसराज नगर, ईसापुर विशनगंज तक भी पानी पहुंचने लगा है।
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यमुना के जलस्तर में हर घंटे लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वृंदावन के केशीघाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। यमुना में बढ़ते जलस्तर के कारण यमुना किनारे रहने वाले लोगों में भारी दहशत है। सैकड़ों लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं।कुछ परिवार विकल्प न होने के कारण रुके हैं।
बाढ़ से कई इलाके जलमग्न, सड़कों पर चलने लगी नाव, तस्वीरों में देखें तीर्थनगरी का हाल
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मथुरा में बाढ़
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वृंदावन में यमुना किनारे के इलाके कालीदहघाट से लेकर श्यामकुटी के बीच लगभग 24 कालोनियां बाढ़ के पानी से बुरी तरह से प्रभावित हैं। यमुना में पानी बढ़ने का क्रम भी जारी है। सैकड़ों लोग पलायन कर गए हैं, वहीं जिला प्रशासन के बार-बार कहने के बावजूद बहुत से लोग अपने घर को छोड़ने को तैयार नहीं है।