एटा के मोहल्ला शृंगार नगर में पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी और उनके परिवार के चार लोगों की मौत ने लोगों का दिल झकझोर दिया है। शनिवार सुबह जिस तरह से इन पांच लोगों के शव मकान में पड़े मिले, उससे उनकी मौत का राज भी गहरा गया है। यह सामूहिक हत्याकांड है या आत्महत्या, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच में जुटी हुई है। एसएसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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घटनास्थल पर डीएम और एसएसपी व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली नगर के मोहल्ला शृंगार नगर में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक राजेश्वर प्रसाद पचौरी का मकान है। उनका बेटा दिवाकर पचौरी रुड़की में एक दवा कंपनी में नौकरी करता है। दिवाकर की पत्नी दिव्या पचौरी, दिव्या की 26 वर्षीय बहन बुलबुल, दो बच्चे आरूष (10) छोटू (10 माह) यहां राजेश्वर प्रसाद पचौरी के साथ रहते थे। शनिवार सुबह पांचों के शव मकान में मिले। मकान अंदर से बंद था।
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दिव्या का फाइल फोटो
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मकान के मुख्य दरवाजे के सामने एक चारपाई पड़ी थी। इसके पास ही दिव्या पचौरी का शव पड़ा मिला। दिव्या की कलाई कटी हुई थी और मुंह से झाग निकल रहे थे, जबकि अन्य चारों शवों के गले पर निशान मिले हैं। इससे इनकी मौत का राज गहरा गया है। पुलिस बहुत ही बारीकी से मामले की जांच में जुटी है।
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शव को ले जाते पुलिसकर्मी
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10 वर्ष के आरूष और एक वर्ष के रिषभ का शव अंदर वाले कमरे में पुलिस ने पड़ा देखा तो कलेजा हिल गया। राजेश्वर प्रसाद पचौरी जीने के बराबर में बने कमरे में पड़े मिले। दिव्या की बहन बुलबुल प्रथल तल पर बने कमरे में मृत मिली। राजेश्वर प्रसाद पचौरी, आरूष, रिषव और बुलबुल की मौत एक ही तरीके से हुई है। इन चारों के गले पर निशान मिले हैं। इससे अंदेशा है कि रस्सी से इनका गला दबाया गया होगा।
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बुलबुल और उसकी बहन दिव्या का बड़ा बेटा आरूष
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दिव्या पचौरी के साथ उसकी बहन बुलबुल (26) पुत्री रमाशंकर उपाध्याय निवासी सोनई जिला मथुरा भी रह रही थी। दिव्या के पहले बेटे के जन्म के समय से ही उसका यहां बहुत आना जाना था। करीब 10 माह पूर्व ही छोटे बेटे रिषभ उर्फ छोटू को जन्म दिया था। इसके बाद से बुलबुल यहीं रह रही थी। यहीं पढ़ाई करती थी। आरूष को स्कूल भी छोड़ने जाती थी।