आगरा में ताजमहल और आगरा किला के बीच खैराती टोला मार्ग पर बिछी पानी की 900 एमएम व्यास की पाइपलाइन मंगलवार शाम पांच बजे फट गई। उस दौरान लाइन में तेज प्रेशर से ताजगंज के नगला मेवाती के लिए आपूर्ति चल रही थी। प्री-स्ट्रैस्ड कंक्रीट (पीएचसी) पाइप के फटने से पानी का 20 फीट ऊंचा फव्वारा बन गया। 30 मिनट तक गंगाजल सड़क पर बहकर बर्बाद होता रहा। सड़क से निकल रहे लोगों ने जलकल विभाग में शिकायत की, तब जीवनी मंडी से आपूर्ति बंद की गई। यह पाइपलाइन जलनिगम की है। मरम्मत में चार दिन का समय लग सकता है।
{"_id":"60db57b48ebc3ebc323e449e","slug":"five-lakh-liters-of-ganga-water-wasted-due-to-pipeline-burst-in-agra","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आगरा में पांच लाख लीटर 'गंगाजल' बर्बाद: पाइपलाइन फटने से बना 20 फीट ऊंचा फव्वारा, सड़क बनी 'नहर'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में पांच लाख लीटर 'गंगाजल' बर्बाद: पाइपलाइन फटने से बना 20 फीट ऊंचा फव्वारा, सड़क बनी 'नहर'
Wed, 30 Jun 2021 12:08 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 30 Jun 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
आगरा: खैराती टोला रोड पर फटी पानी की लाइन
- फोटो : अमर उजाला
पाइप लाइन फटने से बना फव्वारा
- फोटो : अमर उजाला
लोगों की जानकारी पर जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से सप्लाई बंद की गई, जिसके बाद जलकल विभाग के इंजीनियर और जलनिगम विश्व बैंक इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार गौतम मौके पर पहुंचे और रोड पर बैरीकेडिंग की। गड्ढे और पाइप में भरे पानी को निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। लाइन में प्री-स्ट्रैस्ड कंक्रीट पाइप का प्रयोग है, अब यह आसानी से मिलते नहीं हैं। गाजियाबाद में इन पाइपों के मिलने की उम्मीद है। जलनिगम के अधिकारी इन पाइपों को गाजियाबाद से मंगवाएंगे।
आगरा: सड़क पर बहता 'गंगाजल'
- फोटो : अमर उजाला
पांच लाख लीटर गंगाजल बर्बाद
सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर अशोक प्रकाश के अनुसार, इस लाइन से जिस प्रेशर से पानी की आपूर्ति होती है उस हिसाब से संभावना है कि तीस मिनट में पांच लाख लीटर से ज्यादा पानी बर्बाद हुआ होगा। यह पानी करीब चार-पांच हजार लोगों की एक दिन की जरूरत के लिए पर्याप्त होता।
सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर अशोक प्रकाश के अनुसार, इस लाइन से जिस प्रेशर से पानी की आपूर्ति होती है उस हिसाब से संभावना है कि तीस मिनट में पांच लाख लीटर से ज्यादा पानी बर्बाद हुआ होगा। यह पानी करीब चार-पांच हजार लोगों की एक दिन की जरूरत के लिए पर्याप्त होता।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा: सड़क पर बहता 'गंगाजल'
- फोटो : अमर उजाला
15 साल बाद चालू हुई तो मुश्किलें ही मुश्किलें
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से यमुना नदी में आरसीसी प्लेटफार्म से 900 एमएम व्यास की पीएससी लाइन 15 साल पहले बिछाई गई थी। तब से यह चालू नहीं थी। चार महीने पहले जब यह लाइन टेस्टिंग के बाद चालू की गई तो यमुना किनारे आरसीसी प्लेटफार्म धंस गया, 45 लाख रुपये मरम्मत पर खर्च हुए। अब फिर से लाइन फट गई। पीएससी लाइन के अब उपयोग न होने के कारण इसका पाइप मिलना भी मुश्किल है।
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से यमुना नदी में आरसीसी प्लेटफार्म से 900 एमएम व्यास की पीएससी लाइन 15 साल पहले बिछाई गई थी। तब से यह चालू नहीं थी। चार महीने पहले जब यह लाइन टेस्टिंग के बाद चालू की गई तो यमुना किनारे आरसीसी प्लेटफार्म धंस गया, 45 लाख रुपये मरम्मत पर खर्च हुए। अब फिर से लाइन फट गई। पीएससी लाइन के अब उपयोग न होने के कारण इसका पाइप मिलना भी मुश्किल है।
विज्ञापन
आगरा: पानी की पाइपलाइन फटने से सड़क में हुआ गड्ढा
- फोटो : अमर उजाला
चार-पांच दिन लग सकते हैं मरम्मत में
ये प्री-स्ट्रैस्ड कंक्रीट पाइप हैं, जो आसानी से अब नहीं मिलते। इन्हें गाजियाबाद से मंगवाना पड़ेगा। अगर तैयार रखे होंगे तो कल तक आ जाएंगे, अन्यथा बनाने में समय लगेगा। कम से कम चार से पांच दिन का समय पाइपलाइन की मरम्मत में लग जाएगा। - महेश गौतम, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम, विश्व बैंक इकाई
ये प्री-स्ट्रैस्ड कंक्रीट पाइप हैं, जो आसानी से अब नहीं मिलते। इन्हें गाजियाबाद से मंगवाना पड़ेगा। अगर तैयार रखे होंगे तो कल तक आ जाएंगे, अन्यथा बनाने में समय लगेगा। कम से कम चार से पांच दिन का समय पाइपलाइन की मरम्मत में लग जाएगा। - महेश गौतम, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम, विश्व बैंक इकाई