हरियाली तीज पर देशभर में खनकेंगी सुहागनगरी की हरी चूड़ियां, पर्वों पर बढ़ी मांग
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हरे रंग की चूड़ियां सबसे अधिक वहां के ही बाजारों में खप रही हैं। यूपी के विभिन्न शहरों के साथ-साथ बिहार और छत्तसीगढ़ से भी हरी चूड़ियों की डिमांड रही है। इस सीजन में सुहागनगरी में चूड़ी का कारोबार 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है।
फिरोजाबाद की पहचान सुहाग की प्रतीक कांच की चूड़ियां हैं। रक्षाबंधन और हरियाली तीज पर इनकी बंपर सेल रहती है। मध्य प्रदेश से सबसे अधिक डिमांड निकली है। चूड़ी व्यापारी जीके शर्मा बताते हैं कि मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन पर सबसे अधिक हरे रंग की चूड़ियां पहनी जाती हैं।
बदलते दौर में हरे के साथ लाल रंग की चूड़ियों की मैचिंग के साथ डिमांड रही है। 80 प्रतिशत हरी और बीस प्रतिशत लाल रंग की चूड़ियां इस सीजन में ही चलती हैं। शहर से अब तक 300 गाड़ियां मध्यप्रदेश चूड़ी ले जा चुके हैं।
यूपी-बिहार में भी हरी चूड़ियों की मांग
चूड़ी व्यापारी नीरज जैन का कहना है कि यूपी और बिहार में भी रक्षाबंधन पर चूड़ियों की डिमांड है। 90 प्रतिशत हरे रंग की ही चूड़ियां चलती हैं। फैंसी की बजाए सादा चूड़ी की डिमांड अधिक है। मैचिंग के हिसाब से यूपी बिहार के विभिन्न शहरों से हरे रंग की ही चूड़ियां मांगी जा रही हैं।
चूड़ी व्यापारी नितेश अग्रवाल बताते हैं कि गांवों में तो सादा चूड़़ी ही मांगी जा रही है, लेकिन शहरी क्षेत्र में फैंसी चूड़ी की डिमांड है। चूड़ी व्यापारी उमेश उपाध्याय बताते हैं कि बिहार के कुछ क्षेत्र में बाढ़ से इस बार कारोबार पर असर दिखाई दिया है। इन क्षेत्रों से डिमांड कम निकली है।
रक्षाबंधन पर चूड़ी कारोबार एक नजर में
- अब तक पचास करोड़ से 70 करोड़ तक का हुआ है कारोबार
- देश से विभिन्न राज्यों में इस सीजन में पहुंचा पांच सौ से अधिक मेटाडोर और ट्रकों में माल
- एक बार में एक वाहन से जाता है लगभग 15 लाख रुपये तक का माल
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक है डिमांड