फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के बहुचर्चित आरव हत्याकांड में दरिंदे विराज को फांसी की सजा मिलने के बाद, मृत मासूम की मां रति शर्मा ने अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। रति ने रुंधे गले से साफ लफ्जों में कहा कि वह अपने पति सुमित से अब कानूनी तौर पर तलाक लेंगी और जीवन में कभी भी वापस उस ससुराल के घर नहीं जाएंगी, जहां से उन्हें सिर्फ बेरुखी और प्रताड़ना मिली।
रति शर्मा ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि ससुराल पक्ष और पति की बेरुखी का आलम यह था कि उन्हें गर्भावस्था के दौरान ही मायके आना पड़ा था। उनके इकलौते बेटे आरव का जन्म भी ननिहाल में हुआ था, लेकिन सुमित या उसके परिवार का कोई सदस्य कभी बच्चे का मुंह देखने तक नहीं आया।
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आरव की हत्या के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां तक कि जब विराज ने मासूम आरव को इतनी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया, तब भी खून के रिश्तों की बेरुखी बरकरार रही और कोई अंतिम बार उसे देखने तक नहीं पहुंचा। रति ने बताया कि उनके मायके वालों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
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आरव की हत्या के बाद मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी विराज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता अस्वस्थ रहते हैं। वह कुछ काम नहीं कर पाते, इसके अलावा भाई नाबालिग है। एक बहन भी अविवाहित है। मां पहले स्कूल में पढ़ाती थीं, वह भी अब नहीं जा पाती हैं। मामा धीरज, पवन, नीरज के सहारे किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं।
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आरव की हत्या के बाद सदमे में मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे कठिन समय में अपने और परिवार के भरण-पोषण के लिए वह अब आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए नौकरी की तलाश कर रही हैं। पीड़ित मां ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी इस बेहद विकट परिस्थिति को देखते हुए उन्हें योग्यता के अनुसार कोई नौकरी और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे इस गहरे सदमे से उबरकर अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकें।
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बेसुध हुई आरव की मां रति
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फांसी की सजा पाने वाले विराज को जेल अस्पताल में किया गया भर्ती
शिकोहाबाद के यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या के मामले में शुक्रवार को फांसी की सजा पाने वाले दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जेल दाखिल किया गया। वारदात के बाद पुलिस मुठभेड़ के दौरान विराज के पैर में गोली लगी थी।