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फतेहपुरसीकरीः चिश्ती की दरगाह पर संरक्षण का काम अधूरा, सामने आ रही ये वजह
Thu, 24 Oct 2019 09:27 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 24 Oct 2019 09:27 AM IST
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विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी
- फोटो : अमर उजाला
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विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी बुलंद दरवाजा परिसर स्थित सूफी संत हजरत शेख सलीम चिश्ती के चटके हुए वीम को तीन माह बीत जाने के बाद भी बदला नहीं जा सका है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते की पर्यटक चिश्ती की मजार के पिछले हिस्से को देख नहीं पा रहे।
विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी में बंद पड़ा संरक्षण का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
संरक्षण का कार्य इसी साल अप्रैल माह में शुरू हुआ था। फंड और लेबर की कमी बताकर इसे अब रोक दिया गया है। मजार शरीफ के बरामदे में खड़े ढांचे के कारण पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है साथ ही सफेद संगमरमर की बनी मजार को भी पर्यटक देखने से वंचित हैं।
विश्वदाय स्मारक फतेहपुरसीकरी
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि करीब पांच से छह वर्ष पूर्व आकाशीय बिजली गिरने की वजह से मजार शरीफ के पीछे की तरफ लगे पिलर में दरार आ गई थी। मजार शरीफ के सज्जादा नशीन व पर्यटकों की शिकायत के बाद भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा दरार वाले पिलर को बदलने का काम अप्रैल माह में शुरू किया गया था। इसे बनाने का टेंडर पुणे की कंपनी उतरा देवी ट्रस्ट को दिया गया। करीब एक माह चले काम के दौरान बरामदे के एक खंभे को तो बदल दिया गया। वहीं पीछे की तरफ लगे खंभे को अभी तक नहीं बदला जा सका है।
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फतेहपुर सीकरी
बताया जा रहा है कि फंड व लेबर उपलब्ध नहीं होने के चलते कार्य नहीं हो रहा है। मजार शरीफ के खादिमों का कहना है कि लेबर की कोई कमी नहीं है।
मुगलिया समय मे राजधानी रही फतेहपुरसीकरी हजरत चिश्ती की मजार के कारण भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
मुगलिया समय मे राजधानी रही फतेहपुरसीकरी हजरत चिश्ती की मजार के कारण भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
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fatehpur sikri
मजार में लगी जाली की नक्काशी व पेंटिंग व तोड़ों के लिए मशहूर मजार शरीफ के खादिम का कहना है कि पीछे की तरफ छत खुली होने के चलते बारिश का पानी मजार शरीफ के अंदर तक पहुंच जाता है। जिससे बादशाह हुमायूं के समय बनाई गई पेंटिंग खराब हो रही हैं। कई बार पुरातत्व विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है लेकिन संरक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है, इससे देसी विदेशी पर्यटक आहत हैं।